बांबे टॉकीज' की शैली सबके लिए
निर्देशक दिबाकर बनर्जी ने फिल्म निर्माताओं द्वारा 'बांबे टॉकीज' जैसी फिल्मों का संकलन नहीं बनाने पर हैरानी जताई। वह महसूस करते हैं यह अवधारणा फिल्म निर्माताओं के साथ-साथ दर्शकों के लिए भी लाभदायक है।
राम गोपाल वर्मा ने 2006 में 'डरना जरूरी है' बनाई थी, जिसमें छह निर्देशकों ने छह कहानियों को निर्देशित किया था। ये निर्देशक थे : जे.डी. चक्रवर्ती, मनीष गुप्ता, प्रवल रमण, साजिद खान, जिजी फिलीप और विवेक शाह। इसी तर्ज पर 2007 में 'दस कहानियां' बनी थी।
यहां मंगलवार को 'बांबे टॉकीज' के विशेष प्रदर्शन पर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक बनर्जी ने कहा, "मुझे हैरानी हो रही है कि इस तरह की फिल्म नहीं बन रही है। मैं 'बांबे टॉकीज' का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं।"बनर्जी ने कहा कि यह उनके लिए बहुत फायदेमंद है, क्योंकि उन्हें अन्य तीनों निर्देशकों के दर्शक मिलेंगे।
उन्होंने कहा, "मेरी फिल्म देखने के लिए आने वालों दर्शकों को लाभ मिलेगा। वे करण जौहर, अनुराग कश्यप और जोया अख्तर की फिल्में भी देखेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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