मुंबई को मेरी श्रद्धांजलि है 'धोबी घाट': किरण

किरण ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया, "वास्तव में मैं चाहती थी कि मुम्बई पर फिल्म बनाऊं। मैं यह दिखाना चाहती थी कि मुम्बई में लोग कैसे रहते हैं। यह व्यक्तिगत तौर पर मुम्बई को श्रद्धांजलि है।" किरण ने कहा कि यह मुम्बई की एक ऐसी कहानी है जिसे अभी पर्दे पर नहीं उतारा गया था। इस फिल्म में शहर से जुड़े सभी तथ्यों को दिखाने की कोशिश की है।
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किरण से यह पूछे जाने पर कि वह इस तरह की फिल्म के साथ अपने पारी की शुरुआत क्यों करना चाहती हैं, तो उन्होंने कहा, "जब मैंने इस फिल्म की कहानी लिखनी शुरू की थी तब मैने यह नही सोचा था कि यह फिल्म कैसी होगी। मेरे जेहन में एक ऐसी कहानी का खाका था जिसमें चार लोग अलग-अलग क्षेत्रों से हैं। "
उल्लेखनीय है कि देश के विभिन्न शहरों से लोग अपनी किस्मत आजमाने के लिए मुम्बई आते हैं। फिल्म 'धोबी घाट' के माध्यम से शहर के असली रूप को दिखाने की कोशिश की गई है जिसमें चार ऐसे लोग हैं जो अलग-अलग क्षेत्रों से संबंध रखते हैं।
किरण कहती हैं, "फिल्म को असरदार बनाने के लिए मैं चाहती थी कि इसमें कोई नामी अभिनेता न हो। मैंने आमिर को फिल्म में नहीं लेने की योजना बनाई थी क्योंकि वह बहुत बड़े अभिनेता हैं और मुझे मुम्बई की तंग गलियों में फिल्म की शूटिंग करनी थी। लेकिन जब वह ऑडिशन देने पहुंचे तो मुझे ऐसा लगा की उस भूमिका के लिए उनसे बेहतर कोई और नहीं हो सकता।"


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