क्या थी धर्मेंद्र की आखिरी इच्छा जो रह गई अधूरी ? प्रार्थना सभा में हेमा मालिनी ने दिल पर पत्थर रखकर खोला राज

दिल्ली में आज गुरुवार 11 दिसंबर को हेमा मालिनी ने अपने पति और बॉलीवुड के लीजेंड एक्टर रह चुके धर्मेंद्र के लिए प्रार्थना सभा रखी थी। इस मौके पर भले ही देओल परिवार (सनी-बॉबी और प्रकाश कौर) ना उपस्थित हुआ हो, लेकिन तमाम नामी सितारे और राजनेता शामिल हुए थे। धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि देते हुए हेमा मालिनी के आंसू छलक आए। हेमा मालिनी ने अपनी स्पीच में अपने दिल में दबी बात कही। उन्होंने कहा कि उनका प्यार इतना सच्चा था कि हम दोनों ने मिलकर हर परिस्थिति का सामना किया। वह बहुत ही शानदार पति और पिता थे।
अधूरा रह गया धर्मेंद्र का यह सपना
वहीं इस स्पीच में हेमा मालिनी वह बात भी बताई जिससे धर्मेंद्र को बेहद खुशी मिलती थी। हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की आखिरी इच्छा भी बताई। हेमा ने कहा कि धरम जी का एक सपना था जो अधूरा रह गया। हेमा मालिनी ने बताया कि धरम जी ने अपने जीवन के आखिरी समय में उर्दू में शायरी लिखनी शुरू किया था। वैसे तो यह सभी को पता है कि उन्हें शेरों-शायरी का बेहद शौक रहा है, लेकिन बाद में उन्होंने उर्दू में लिखना शुरू किया। उर्दू शायरी लिखना उनका जुनून बन गया था। मैंने उन्हें किताब लिखकर प्रकाशित करने की सलाह दी। वह इसके लिए बहुत ही उत्साहित थे पर अफसोस उनका सफर ये काम करने से पहले ही खत्म हो गया।
नहीं हुए सनी और बॉबी देओल शामिल
बता दें कि इस प्रार्थना सभा में हेमा मालिनी के साथ उनकी दोनों बेटियां ईशा देओल और अहाना देओल दिखीं। वहीं हेमा मालिनी के एक्स दामाद भरत तख्तानी भी नजर आए थे, लेकिन हैरानी की बात यह है कि ना तो सनी देओल ना बॉबी और ना ही प्रकाश कौर इस प्रार्थना सभी में दिखीं।


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