'मेरा जिंदगी पर से...', बस ये लिखकर मौत को लगा लिया गले, धनुष की 22 साल की एक्ट्रेस का सुसाइड नोट

Dhanush Actress Mayuri: साउथ सिनेमा के मशहूर एक्टर धनुष की एक हीरोइन की कहानी बेहद चौंकाने वाली है। महज 15 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखकर स्टार बनने वाली इस एक्ट्रेस ने सिर्फ 22 साल की उम्र में अपनी जान ले ली। आज तक ये साफ नहीं हो पाया है कि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया।
फिल्म इंडस्ट्री की चमक-धमक हर किसी को अपनी ओर खींचती है। हर साल हजारों युवा बड़े पर्दे पर अपना नाम कमाने का सपना लेकर ऑडिशन की लाइन में खड़े होते हैं। लेकिन जितना कठिन यहां सफलता हासिल करना है, उससे भी ज्यादा मुश्किल है इस इंडस्ट्री के दबाव को झेल पाना। कुछ ही लोग होते हैं जो यहां अपनी एक मजबूत पहचान बना पाते हैं, और कई कलाकार ऐसे भी होते हैं जिनका करियर उम्र से पहले ही थम जाता है।आज हम एक ऐसी ही होनहार अभिनेत्री की कहानी लेकर आए हैं, जिन्होंने बेहद कम उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखा और कुछ ही वर्षों में अपनी खास पहचान बना ली। लेकिन महज 22 साल की उम्र में उन्होंने इस इंडस्ट्री को ही नहीं, बल्कि इस दुनिया को भी हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। इस प्रतिभाशाली अभिनेत्री का नाम था मयूरी, जिन्हें तमिल सिनेमा में शालिनी के नाम से भी जाना जाता था।
15 साल की उम्र में मिला पहला बड़ा मौका
मयूरी का जन्म 1983 में हुआ था। जब वह सिर्फ 8वीं कक्षा में पढ़ रही थीं, तब ही निर्देशक के.आर. की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने मयूरी को अपनी फिल्म 'कुंभकोणम गोपालु' में कास्ट कर लिया। साल 1998 में रिलीज हुई इस फिल्म में मयूरी ने एक नर्स का किरदार निभाया था। ये रोल उनके टैलेंट की पहली झलक साबित हुआ और यहीं से उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर की मजबूत शुरुआत की।तमिल फिल्मों से शुरुआत करने के बाद मयूरी ने मलयालम सिनेमा की ओर रुख किया, जहां उन्हें हिट फिल्म 'समर इन बेथलहम' में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म में उनका किरदार गायत्री नाम की एक लड़की का था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया। उनके सहज और प्रभावशाली अभिनय की सराहना हुई। खास बात ये भी थी कि इस फिल्म में मशहूर अभिनेता मोहनलाल ने एक कैमियो किया था, जिससे फिल्म को और भी ज्यादा लोकप्रियता मिली।
धनुष के साथ स्क्रीन शेयर कर फिर से छाईं मयूरी
इसके बाद मयूरी ने 'आकाश गंगा', 'अरायन्नंगलुडे वीडु', 'भार्या वेत्तिल परमसुखम', 'प्रेम पुजारी' और 'चंदामामा' जैसी कई मलयालम फिल्मों में शानदार अभिनय किया। उन्होंने कन्नड़ और तेलुगु सिनेमा में भी अपने अभिनय का जलवा बिखेरा।साल 2004 में मयूरी को तमिल फिल्म 'पुधुकोट्टयिलिरुंधु सरवणन' में अभिनेता धनुष के साथ मुख्य भूमिका में देखा गया। इस फिल्म के ज़रिए मयूरी एक बार फिर तमिल दर्शकों के बीच चर्चा में आ गईं।हालांकि, उन्हें सबसे ज़्यादा पहचान कन्नड़ फिल्म 'सर्वभूमा' से मिली, जिसमें उन्होंने 'बसंती' नाम का बेहद यादगार किरदार निभाया था।
22 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा
अभिनय की दुनिया में तेजी से अपनी पहचान बनाने वाली इस प्रतिभाशाली अभिनेत्री ने 16 जून 2005 को अचानक आत्महत्या कर ली, जिससे सभी हैरान रह गए। उस वक्त मयूरी की उम्र सिर्फ 22 साल थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने एक सुसाइड नोट छोड़ा था जिसमें लिखा था "अब मुझे जिंदगी से कोई उम्मीद नहीं रही।"उनकी मौत की असली वजह आज तक पूरी तरह से सामने नहीं आ पाई है। कई लोग इसे इंडस्ट्री की राजनीति, मानसिक तनाव और पेशेवर दबाव का नतीजा मानते हैं, लेकिन अब तक कोई पुख्ता कारण सामने नहीं आया।मयूरी की मौत के कई साल बाद, साल 2019 में उनकी अंतिम फिल्म 'आकाश गंगा 2' रिलीज हुई, जिसमें उनके पुराने फुटेज का इस्तेमाल किया गया था। यह फिल्म उनके फैंस के लिए एक भावनात्मक अनुभव बन गई, जो आज भी उन्हें याद करते हैं।


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