लंदन में होगा देव साहब का अंतिम संस्कार

देव साहब के जाने से बॉलीवुड समेत पूरा भारत शोक में डूबा हुआ है। लोगों को यकीन नहीं हो रहा कि देव साहब उनके बीच में नहीं रहे हैं। जिंदगी को बड़े ही सकारात्मक ढंग से जीने वाले देवानंद ने सिनेमा की उन ऊंचाइयों को छुआ है जहां पहुंचना हर किसी के बस में नहीं होता है। जिसके चलते ही देवानंद को साल 2001 में प्रतिष्ठित पद्म भूषण सम्मान से विभूषित किया गया था। 2002 में उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्होंने वर्ष 1949 में अपनी प्रोडक्शन कंपनी नवकेतन इंटरनेशनल फिल्म की स्थापना की और 35 से ज्यादा फिल्मों का निर्माण किया।
विकिपीडिया के मुताबिक उनकी फिल्म गाइड को सर्वश्रेष्ठ फिल्म और सर्वश्रेष्ठ निर्देशक सहित पांच श्रेणियों में फिल्मफेयर पुरस्कार मिला और उस वर्ष आस्कर की विदेशी फिल्म की श्रेणी में भारत की तरफ से यह फिल्म भेजी गयी थी। देवानंद ने दो फिल्मफेयर पुरस्कार जीते। एक वर्ष 1958 में काला पानी के लिए और दूसरा 1966 में गाइड में अपने अभिनय के लिए। आज भले ही वो सशरीर हमारे बीच में नहीं है, लेकिन अपने उम्दा अभिनय और दिलकश फिल्मों के चलते वो हमेशा हमारे बीच में मौजूद रहेंगे।


Click it and Unblock the Notifications











