महाराष्ट्र में 'देशद्रोही' पर रोक

ख़ुफ़िया रिपोर्ट में कहा गया था कि फ़िल्म के कुछ हिस्सों से राज्य में तनाव पैदा हो सकता है.
सरकार का कहना है कि फ़िल्म को राज्य में दिखाए जाने से उत्तर भारतीयों और मराठियों के बीच एक बार फिर तनाव पैदा हो सकता है.
'देशद्रोही' एक छोटे बजट की फ़िल्म है. इसका निर्माण भोजपुरी फ़िल्मों के निर्माता कमाल ख़ान ने किया है. उन्होंने इसमें मुख्य भूमिका भी निभाई है.
फ़िल्म की कहानी एक ऐसे युवक की है जो उत्तर भारतीय है और रोज़ी-रोटी की तलाश में मुंबई आता है. जहाँ पर उसके साथ पर भेदभाव किया जाता है.
सरकार को फ़िल्म के कुछ दृश्यों के अलावा इसके कुछ उत्तेजक संवादों पर भी ऐतराज़ है. उसे डर है कि इससे प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है.
| मुझे सरकार की तरफ से अभी कुछ भी लिखित में नहीं मिला है. केवल मीडिया के ज़रिए ही मुझे यह ख़बर मिली है |
इसी हफ़्ते यह फ़िल्म मुंबई के कुछ चुनींदा पुलिस अधिकारियों को भी दिखाई गई थी. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कुछ पदाधिकारियों ने भी इस फ़िल्म को देखकर अपनी ओर से क्लीन चिट दे दी थी.
पोस्टर फाड़े
बीबीसी से बातचीत में फ़िल्म के निर्माता कमाल ख़ान ने कहा, "मुझे सरकार की ओर से अभी कुछ भी लिखित में नहीं मिला है. केवल मीडिय़ा के ज़रिए ही मुझे यह ख़बर मिली है."
उन्होंने कहा कि जब मुझे सरकार की ओर से कुछ भी लिखित में दिया जाएगा, इसके बाद वे कोर्ट में जाएँगे.
कमाल ख़ान ने कहा कि महाराष्ट्र में जिन थिएटरों में यह फ़िल्म रिलीज़ होने वाली थी. उनको कोई नुक़सान न हो इसीलिए यहाँ फ़िल्म को रिलीज़ न करने का फ़ैसला किया गया है.
उन्होंने कहा, "मुझे पता चला है कि पुणे के एक थिएटर में फ़िल्म के पोस्टर फाड़े गए हैं. इसलिए हम नहीं चाहते हैं कि थिएटर मालिकों का कोई नुक़सान हो."
उधर, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने सरकार के इस फ़ैसले पर ख़ुशी जताई है.


Click it and Unblock the Notifications