पवन कल्याण ने तिरुपति लड्डू विवाद पर खुलकर की बात, बोले- ये सिर्फ प्रसाद का मुद्दा नहीं है बल्कि ये...

आंध्र प्रदेश के मंदिर तिरुपति प्रसादम (लड्डू) को लेकर जमकर विवाद छिड़ा हुआ है। इस विवाद के चलते कई सवाल भी उठ रहे हैं। बता दें कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने 28 सितंबर को मंदिर में क्षमायाचना अनुष्ठान करने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि चंद्रबाबू नायडू ने प्रसादम को लेकर झूठे वादे किए हैं। आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने तो प्रायश्चित के लिए 11 दिनों का उपवास रखा है। पवन कल्याण का कहना है कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि इस मिलावट के बारे में उन्हें पहले क्यों नहीं पता चला। मैंने भगवान से क्षमा मांगी है और मैं इसका प्रायश्चित भी करूंगा।
ये सिर्फ लड्डू का मुद्दा नहीं है...
बता दें कि हाल ही डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने वन इंडिया से खासबात चीत की है। जिसमें उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर अपने विचार रखे हैं। इस एक्सक्लूसिव बातचीत में उन्होंने कहा कि लोग इस मुद्दे को प्रसाद या लड्डू का मुद्दा देख रहे हैं। दोनों बात एक ही हैं। यह मुद्दा प्रसाद का ही नहीं है बल्कि यह भी है कि हम मंदिर कैसे चला रहे हैं। हमें किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की जरूरत है। लंबे समय से सनातन धर्म पर हमला बोला जा रहा है।
दोषियों को सजा मिलेगी
मैं समानता पर विश्वास रखता हूं। यह मुद्दा सिर्फ प्रसाद का नहीं हैं। ये तो हो जाएगा और दोषियों को सजा भी मिलेगी। यह मुद्दा सीबीआई को भी सौंपा जा सकता है। जिससे दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। दोषी तो पकड़े जाएंगे, लेकिन मैं इस मुद्दे को काफी आगे तक देख रहा हूं। मैं इस बात पर ज्यादा ध्यान दे रहा हूं कि आने वाले कल में इस तरह की कोई भी घटना ना हो।
कुछ हिंदू सनातन धर्म का सम्मान नहीं करते...
इसके आगे पवन कल्याण कहते हैं कि दूसरे धर्मों के मुकाबले हिंदूओं पर अधिक हमले हो रहे हैं। कुछ लोग होते हैं जो खुद को हिंदू कहते हैं, लेकिन वह अपने ही सनातन धर्म का सम्मान नहीं करते हैं। लोगों में एकजुटका की सबसे ज्यादा कमी है।
डिप्टी सीएम आगे कहते हैं कि बाला जी का प्रसाद काफी पवित्र माना जाता है। लोग इसे सीधे ईश्वर से जोड़ते हैं। सोचिए रमजान में तो लोग सुबह से लेकर शाम तक कुछ नहीं खाते हैं, लेकिन अगर उनके साथ कुछ गलत हो तो उनकी भावनाओं को कितनी आहत पहुंचेगी। मुस्लिम मीट खाते हैं। हलाल खाना चाहते हैं कोई उनसे नहीं पूछता कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं...यह उनकी श्रद्धा है।
वहीं जब हिंदू धर्म पर बात आती है तब कई तरह के सवाल खड़े हो जाते हैं। लोगों में एकजुटता की सबसे ज्यादा कमी है। हिंदू में लोग बटे हुए हैं। खुद हिंदू ही सनातन धर्म पर कई तरह के सवाल खड़े कर देते हैं।
इसके बाद पवन कल्याण कहते हैं कि जिस तरह हर आस्था में अपने नियम होते हैं वैसे ही बालाजी में भी हैं। जो आज से नहीं बल्कि सैकड़ों सालों से चलते चले आ रहे हैं। भगवान को प्याज-लहसुन को भोग तक नहीं लगता। क्योंकि यह लोगों काी आस्था है, लेकिन जब ऐसा मामला सामने आता है तब सैकड़ों भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचती है।
इस घटना के लिए यहां की कमेटी पूरी तरह से जिम्मेदार है। मैं हिंदू हूं, लेकिन मैं सभी धर्मों की इज्जत करता हूं, लेकिन मैं उन हिंदुओं पर सवाल खड़ा करता हूं जो खुद सनातन धर्म की इज्जत नहीं करते हैं।
पवन कल्याण ने प्रकाश राज के ट्वीट पर भी अपने विचार रखे। वह कहते हैं कि प्रकाश राज मेरे अच्छे दोस्त हैं। हम दोनों ही अच्छा बॉन्ड शेयर करते है, लेकिन उनकी और मेरी सोच में बहुत अंतर है। मुझे नहीं लगता था कि उन्हें मेरे ट्वीट पर रिएक्ट करने की जरूरत थी। मेरा तो कहना बस यही है कि जो भी इस मामले में शामिल है उसे सजा मिलनी चाहिए।
पवन कल्याण ने पूर्व सीएम पर भी सवाल उठाए उन्होंने कहा कि लड्डू को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। मैंने टीटीडी पर ही सवाल खड़ा किया है कि आखिर किसके नेतृत्व में यह कमेटी बनाई गई थी। आप तो टीटीडी का बचाव कर रहे हैं। इसका मतलब है कि आप भी इसमें शामिल हैं। कमेटी का गठन तो पूर्व सरकार ने ही किया है। आप इसे बस किसी तरह राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहते हैं। अगर यह किसी और धर्म में हुआ होता तो क्या होता ? सब एक होकर बोलते।


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