परंपरागत लड़की का किरदार निभाने की चाहत

चंद ही ऐसे ख़ुशनसीब होते हैं जिन्हें अपनी पहली ही फ़िल्म में एक बड़े सितारे के साथ काम करने का मौक़ा मिलता है. दीपिका पादुकोण उनमें से एक हैं जिन्होंने शाहरुख़ ख़ान के साथ शुरुआत की थी.
अपनी पहली फ़िल्म 'ओम शांति ओम' से लेकर अब तक दीपिका अपने आप में काफ़ी बदलाव पाती हैं.
बीबीसी के साथ एक ख़ास मुलाक़ात में उन्होंने कहा "मैंने अपनी पहली फ़िल्म से लेकर अब तक कई तरह के किरदार निभाए हैं. कॉमेडी भी की है, जिसे करना ख़ासा मुश्किल होता है. अब मैं पारंपरिक भारतीय लड़की का किरदार निभाना चाहती हूँ."
इसके अलावा दीपिका की तमन्ना पूरी तरह से रोमांस प्रधान फ़िल्में करने की है.
दीपिका कहती हैं, "मैं चाहती हूँ कि अपने चाहने वालों को हर वक़्त कुछ नया दूँ. हमेशा कुछ अलग करना चाहती हूँ."
अगर दीपिका अभिनेत्री ना होतीं तो क्या होतीं?
इस सवाल के जवाब में दीपिका ने कहा कि उन्हें खेलना बहुत पसंद है...और कई तरह के खेल खेलना उन्हें पसंद हैं. लेकिन वो हमेशा से ही अभिनय करना चाहतीं थीं.
'ओम शांति ओम' के अलावा दीपिका की 'लव आज कल' भी कामयाब रही और 'हाउसफ़ुल' को टिकट खिड़की पर मिली-जुली सफलता मिली थी.
दीपिका की इस साल तीन फ़िल्में रिलीज़ हो चुकी हैं. 'कार्तिक कालिंग कार्तिक', 'हाउसफ़ुल' और 'लफ़ंगे परिंदे'.
उनकी आने वाली फ़िल्में हैं 'खेलें हम जी जान से' और 'ब्रेक के बाद'. 'खेलें हम जी जान से' आशुतोष गोवरीकर की फ़िल्म है, जिसमें दीपिका स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की भूमिका निभा रही हैं.


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