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    'मिडनाइट चिल्ड्रन' पर फ़िल्म बनाएँगी दीपा

    By Staff
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    कनाडा में रहने वाली भारतीय मूल की फ़िल्मकार दीपा मेहता सलमान रुश्दी के मशहूर उपन्यास 'मिडनाइट चिल्ड्रन' पर फ़िल्म बनाने जा रही हैं.

    'मिडनाइट चिल्ड्रन' में सलीम नाम के एक व्यक्ति की कहानी है जिसका जन्म 15 अगस्त 1947 रात के ठीक बारह बजे हुआ है, उसकी कहानी और आज़ाद भारत की कहानी एक साथ चलती है. इस उपन्यास में रुश्दी ने आज़ाद भारत की जटिलताओं का सुंदर चित्रण किया है.

    इस उपन्यास का में सलीम और आज़ाद भारत के जीवन तीस वर्षों का ख़ाका खींचा गया है, उपन्यास 1977 में इमरजेंसी के ख़ात्मे तक का हाल बयान करता है.

    इस फ़िल्म में शबाना आज़मी और नंदिता दास मुख्य भूमिकाएँ निभाएँगी जो पहले भी दीपा मेहता की फ़िल्मों में काम कर चुकी हैं.

    मैं खुश हूँ कि मेरी दोस्त दीपा मेहता ने मिडनाइट चिल्ड्रन पर फ़िल्म बनाने का फ़ैसला किया है, मेरी किताब के प्रति उनकी भावना और उनकी फिल्म निर्माण की दक्षता को देखकर मैं कह सकता हूँ कि मेरा उपन्यास सबसे सही हाथों में है. मैं पटकथा पर उनके साथ काम करने के लिए बेताब हूँ
    अभी फ़िल्म में काम करने वाले कई अहम किरदारों के लिए अभिनेताओं का चयन होना बाक़ी है जिसमें सलीम की भूमिका भी शामिल है.

    रुश्दी और दीपा मेहता मिलकर इस फ़िल्म की पटकथा लिखेंगे और रुश्दी फ़िल्म निर्माण से लगातार जुड़े रहेंगे, इस फ़िल्म के निर्माण का काम अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में शुरू होगा.

    दोनों ने एक संवाददाता सम्मेलन में उम्मीद जताई कि यह प्रयास सफल रहेगा, रुश्दी ने कहा कि पहले भी कई लोगों ने उनके उपन्यास पर फ़िल्म बनाने की पेशकश की थी लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी.

    सर के ख़िताब से सम्मानित बुकर पुरस्कार विजेता रुश्दी ने कहा, "मैं खुश हूँ कि मेरी दोस्त दीपा मेहता ने मिडनाइट चिल्ड्रन पर फ़िल्म बनाने का फ़ैसला किया है, मेरी किताब के प्रति उनकी भावना और उनकी फिल्म निर्माण की दक्षता को देखकर मैं कह सकता हूँ कि मेरा उपन्यास सबसे सही हाथों में है. मैं पटकथा पर उनके साथ काम करने के लिए बेताब हूँ."

    रुश्दी ने माना कि उपन्यास में लिखे हर प्रकरण को फ़िल्म शामिल किया जाना ज़रूरी नहीं है, रंगमंच और टीवी प्रस्तुति के लिए लिखी गई स्क्रिप्ट उपलब्ध है जिससे हमें फ़िल्मी पटकथा लिखने में आसानी होगी.

    दीपा मेहता ने कहा कि उपन्यास के कुछ चरित्र ऐसे हैं जो भुलाए नहीं भूलते, उनमें सलीम सबसे ऊपर है. उन्होंने कहा, "मैं सलीम को पर्दे पर जिंदा करने और उसकी यात्रा को पेश करने के इस अवसर को लेकर बहुत उत्साहित हूँ."

    एक सवाल के जवाब में दोनों ने कहा कि वे दूसरे कामों में भी व्यस्त हैं इसलिए इस फ़िल्म के बनने में थोड़ा अधिक समय लग सकता है, उम्मीद की जा रही है कि फ़िल्म 2010 में रिलीज़ होगी.

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