पाकिस्तान में 'दबंग' ने काटी 'गदर'

लाहौर स्थित सिनेस्टार सिनेमाघर में टिकट बेचने वाले रिजवान ने बताया कि यह फिल्म भारत में प्रदर्शित होने के एक सप्ताह बाद यहां दिखाई जा रही है। इस फिल्म को देखने के लिए परिवार समेत लोग आने लगे हैं। दबंग लोगों को खूब पसंद आ रही है। तीन साल पहले राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने जब भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर चार दशक से अधिक समय से लगे प्रतिबंध को हटाया तबसे पाकिस्तानी सिनेमाघरों में रौनक लौट आई थी।
पाकिस्तान में फिल्मों के निर्माण में प्रतियोगिता न होने से यहां ज्यादातर स्थानीय फिल्में बनती हैं। इसके अलावा पाकिस्तानी फिल्म निर्माता कम बजट वाली फिल्में बनाते हैं, जिससे फिल्मों के शौकीन लोग अच्छी फिल्में देखने से वंचित रह जाते हैं और जब भी भारतीय फिल्में सिनेमाघरों में पहुंचती हैं तो वे उसे देखने से अपने को रोक नहीं पाते।
गुलिस्तां सिनेमाघर के मालिक आरिफ खान ने बताया, "स्थानीय थिएटरों में भारतीय फिल्में दिखाई जाने से लोगों में दोबारा से फिल्म देखने का उत्साह जग गया है। वर्ष 2010 के पहले नौ महीने में पाकिस्तान में करीब दस फिल्में ही बनीं, जबकि भारत में छह महीने में लगभग 30 फिल्में प्रदर्शित हो जाती हैं।"
खान ने बताया कि इस साल भी सरकार ने स्थानीय फिल्म उद्योग को राहत पहुंचाने के लिए ईद के मौके पर भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगाई थी। खान के अनुसार 'दबंग' के अलावा अन्य भारतीय फिल्मों में 'वन्स अपान ए टाइम इन मुंबई', 'आई हेट लव स्टोरीज' और 'हाउसफुल' ने भी यहां अच्छी कमाई की।


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