MeToo मामले में नाना पाटेकर के खिलाफ कोर्ट ने खारिज की तनुश्री दत्ता की याचिका, नहीं मिले कोई सबूत

Tanushree Dutta Me Too Case: बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर के खिलाफ मी टू के हैरान करने वाले आरोप लगाए थे। इस मामले में अब नाना पाटेकर को अंधेरी कोर्ट की तरफ से राहत दे दी गई है। कोर्ट ने नाना पाटेकर के खिलाफ शिकायत को खारिज कर दिया। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने तनुश्री दत्ता की याचिका को यह कहते हुए खारिज किया कि अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा दायर शिकायत में यौन उत्पीड़न के आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है।
सबूतों के अभाव के कारण खारिज हुई शिकायत
तनुश्री दत्ता ने अंधेरी मजिस्ट्रेट कोर्ट में नाना पाटेकर और अन्य के खिलाफ छेड़छाड़ और धमकी का मामला दर्ज कराया था। इसकी सुनवाई मजिस्ट्रेट नीलेश बंसल के समक्ष हुई। नाना पाटेकर की ओर से वकील अनिकेत निकम ने मामले की पैरवी की। अदालत ने आखिरकार मुंबई पुलिस द्वारा प्रस्तुत क्लोजर रिपोर्ट और पर्याप्त सबूतों के अभाव के कारण तनुश्री द्वारा दायर शिकायत को खारिज कर दिया।
यौन उत्पीड़न का आरोप
अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, निर्देशक अब्दुल सामी सिद्दीकी और निर्माता राकेश सारंग पर 2008 में एक डांस सीक्वेंस के दौरान यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस मामले में इन चारों के खिलाफ ओशिवारा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी।
तनुश्री दत्ता के आरोप
तनुश्री दत्ता ने अक्तूबर 2018 में यह शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि नाना पाटेकर ने 2008 में 'हॉर्न ओके प्लीज' के एक गाने की शूटिंग के दौरान मुझे परेशान किया था। पाटेकर ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह कोई भी अश्लील या परेशान करने वाला काम नहीं करेंगे, फिर भी उन्होंने उन्हें अनुचित तरीके से छुआ। तनुश्री दत्ता ने शिकायत में नाना पाटेकर के साथ गणेश आचार्य, अब्दुल सामी सिद्दीकी और राकेश सारंग का भी नाम लिया था।
नाना पाटेकर को बड़ी राहत
मामले की जांच के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की जिसमें कहा गया कि कोई अपराध साबित नहीं हुआ है। इसके बाद तनुश्री दत्ता ने दिसंबर 2019 में एक विरोध याचिका दायर की, जिसमें आरोपियों के खिलाफ आगे की जांच और कार्रवाई का अनुरोध किया गया। हालांकि अब कोर्ट ने नाना पाटेकर को बड़ी राहत दी है।


Click it and Unblock the Notifications











