ये कैसी फिल्म, कैसे गाने, कैसा 'मैसेंजर ऑफ गॉड'!
धर्मों को फिल्म का मुद्दा बनाना नया नहीं है, लेकिन उसे अजीबोगरीब ढ़ंग से दर्शकों के सामने रखने का मुद्दा समझ के परे है। बहरहाल, डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम की फिल्म 'मैसेंजर ऑफ गॉड(एमएसजी) एक बार फिर कांट्रोवर्सी में फंसी है। फिल्म पर ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट फेडरेशन व अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सरकार से प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

जबकि, फिल्म पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का कहना है कि इस पर प्रतिबंध लगाना सेंसर बोर्ड का काम है। सेंसर ने फिल्म जारी करने से पहले उसे देखा होगा। ज्ञानी गुरबचन सिंह के अनुसार राम रहीम द्वारा बनाई गई फिल्म लोगों को गुमराह करने वाली है।
आपको बता दें, राम रहीन पर पहले से ही कई आपराधिक मामले चल रहे हैं। उन पर बालात्कार और हत्या जैसे अपराध के आरोप हैं। ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि यह फिल्म पंजाब की शांति के लिए खतरा हो सकती है।
फिल्म 'मैसेंजर ऑफ गॉड' 16 जनवरी को देशभर में रिलीज होगी। इस फिल्म निर्देशन राम रहीम ने किया है, जबकि मुख्य किरदार में भी वह खुद ही हैं और गाने भी उन्होंने ही गाये हैं। फिल्म में बाबा सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एक्शन हीरो की भूमिका में हैं । वहीं, एक गाने में वे स्टेज पर नाचते हुए भी नजर आते हैं।
फिल्म के प्रवक्ता का कहना है कि पहले फिल्म देंखे, फिर अपनी बात सामने रखें। बिना देखे विरोध करना गलत है। जबकि डेरा प्रवक्ता डॉ. पवन इंसा ने कहा कि फिल्म को बिना देखे विरोध की बात वे लोग करते हैं, जो नहीं चाहते हैं कि पंजाब से नशे की बुराई मिटे और युवा वर्ग आगे बढ़े।
उन्होंने कहा कि यह फिल्म समाज को जोडऩे और देशभक्ति की भावना पैदा करने वाली है। फिल्म में किसी प्रकार की आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग नहीं है फिर भी कुछ लोग इसके विरोध में बोल रहे हैं।


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