तुलना होना लाजमी है : श्रद्धा कपूर
उन्होंने आईएएनएस को बताया, "मेरे चाहने न चाहने से कुछ नहीं होता, यहां तुलना तो होती ही है। मुझे लगता है कि सबसे अच्छा तरीका है इसे स्वीकार लेना और अपने काम पर पूरा ध्यान लगाना। मैं यहां अपने आपको एक अभिनेत्री के तौर पर निखारना चाहती हूं, क्योंकि अभिनेत्री बनना बचपन से मेरा सपना रहा है, जिसे मैं यहां जी पा रही हूं। मैं चाहती हूं कि एक दिन मैं पीछे मुड़कर देखूं तो कहूं कि हां मैंने अपना सपना पूरा कर दिखाया।"
श्रद्धा ने अपनी पहली फिल्म में सौम्य, सुशील स्वभाव वाली गायिका आरोही का किरदार निभाकर हर किसी के दिल में जगह बनाई, लेकिन अब वह हर तरह के किरदार के साथ प्रयोग करना चाहती हैं।
उन्होंने कहा, "मैं हर तरह के किरदार निभाना चाहती हूं। मैं चाहती हूं कि खुद को हर चरित्र में ढाल सकूं। ऐसा नहीं है कि मैं कुछ खास तरह की भूमिकाएं ही करना चाहती हूं।"
श्रद्धा, अभिनेत्री श्रीदेवी और उनके अभिनय की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं, लेकिन अपने अभिनय में वह उनकी नकल नहीं करना चाहतीं।
अभिनेता शक्ति कपूर और शिवांगी कोल्हापुरे की बेटी श्रद्धा कपूर को अपनी परवरिश पर नाज है। वह खुश हैं कि उनके माता-पिता ने उनके फैसलों में हमेशा उनका सहयोग दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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