पायरेसी के लिए जिम्मेदार हैं 'सिनेमा हॉल संचालक'
नई दिल्ली। पायरेसी पर गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट मंगलवार को सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी को सौंप दी। पायरेसी पर गठित समिति के विशेष सचिव और अध्यक्ष उदय कुमार वर्मा ने इस रिपोर्ट को सोनी को सौंपा। समिति ने समाज में बढ़ रही पायरेसी के कारणों को जानकर और इस पर शोध कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में पायरेसी रोकने के लिए आवश्यक नियमों और उत्तरदायी तत्वों का भी उल्लेख किया गया है।
अपनी सिफारिशों में समिति ने मुख्य रूप से थियेटर्स में कैमरा एवं अन्य कैप्चर डिवाइसेज ले जाने से संबंधी नियमों को कड़ा बनाने की बात कही है। साथ ही समिति ने सिफारिश की है कि ऐसे उपाय किये जाने चाहिए जिससे पायरेसी का धंधा महंगा हो जाए, इससे खुद ब खुद पायरेटेड सीडी के दाम घटेंगे और खरीदने वाले हतोत्साहित होंगे। समिति की प्रमुख सिफारिशें इस प्रकार हैं- फिल्मों के प्रदर्शन के दौरान, सिनेमा हॉलों से पॉयरेसी को रोकने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उत्तरदायित्व थियेटर एवं मल्टीप्लैक्स संचालकों पर होनी चाहिए।
समिति का मानना है कि इन शर्तों को थियेटरों और मल्टीप्लैक्सों को लाइसेंस दिए जाने के समय एग्रीमेंट में शामिल किया जाना चाहिए। इसके अलावा समिति ने सिफारिश की है कि छोटे कस्बों में लेखकों, वितरकों, निर्माताओं, थियेटरों और मल्टीप्लैक्स संचालकों को एकजुट कर इस समस्या का समाधान खोजना चाहिए। साथ ही पारंपरिक थियेटरों को डिजिटल थियेटरों में बदलने एवं सही डीवीडी को जारी करने की जरूरत है।


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