चुपके चुपके की रिलीज़ के 46 साल पूरे, अमिताभ बच्चन ने शेयर की खास याद
ऋषिकेश मुखर्जी की मशहूर फिल्म चुपके चुपके 11 अप्रैल 1975 को रिलीज़ हुई थी और फिल्म की रिलीज़ को 46 साल पूरे हैं। फिल्म को याद करते हुए अमिताभ बच्चन ने भी बहुत ही शानदार Trivia शेयर किया। अमिताभ बच्चन ने फिल्म से जया बच्चन की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि चुपके चुपके को 46 साल पूरे हो रहे हैं।
फिल्म के बारे में बताते हुए अमिताभ बच्चन ने लिखा कि फिल्म की शूटिंग जहां हुई थी वो इस समय उनका बंगला है जलसा। अमिताभ बच्चन ने बताया कि ये घर खरीद कर उन्होंने वापस बनवाया था।

अमिताभ बच्चन ने इसी पोस्ट में बताया कि इस घर में उस दौरान कई फिल्में शूट की गईं। आनंद, नमक हराम, सत्ते पे सत्ता, चुपके चुपके, सभी फिल्में यहीं पर शूट हुई हैं। उस समय ये प्रोड्यूसर रमेश सिप्पी का बंगला था। चुपके चुपके जैसी फिल्म को कोई भूल नहीं सकता। ये फिल्म आज भी बॉलीवुड की क्लासिक फिल्मों में गिनीं जाती है।

चुपके चुपके के मज़ेदार सीन
चुपके चुपके ऋषिकेश मुखर्जी की उन चुनिंदा फिल्मों में से हैं जिसे देखकर न आप कभी बोर होंगे। न ही कभी हंसना कम करेंगे। इसके अलावा ये फिल्म सिचुएशनल कॉमेडी का बेहतरीन नमूना थी जहां कोई कॉमेडी करता नहीं था पर प्यारे, सुलेखा, वसुधा, जीजाजी के साथ जो कुछ जीवन में घट रहा था, वही कॉमेडी हो जाता था। आइये याद करते हैं इस फिल्म से जुड़े कुछ बेहद मज़ेदार सीन।

अब पागल नहीं हूं साहब
जब जीजाजी अपने ड्राइवर यानि कि प्यारे से पूछते हैं कि क्या तुम पागल हो तो धर्मेंद्र और जीजाजी की वार्तालाप तो याद होगी। नहीं याद तो फौरन फिल्म देखिए हंसते हंसते लोटपोट हो जाएंगे...क्योंकि प्यारे का जवाब था अब तो मैं बिल्कुल पागल नहीं हूं।

अबके सजन सावन में
शर्मिला टैगोर के खूबसूरत हाव भाव और लता जी की मधुर आवाज़ के अलावा भी इस गीत में कुछ था जो पूरे टाइम आपके चेहरे पर मुसकान लाएगा। वो था परदे के बीचे धर्मेंद्र का एकदम जुदा अंदाज़ में इस गाने के मज़े लेना...याद आया च्च्च्च्च च्च्च्चच च्च्च्च्च च्च्च।

बस आके आके खड़ा हुआ हूं
गाने के बाद धर्मेंद्र से जीजाजी पूछते हैं कि खड़े खड़े क्या कर रहे हो, तो इनका जवाब होता है कि बस आके आके खड़ा हुआ हू। कारण ये कि खड़े खड़े का प्रयोग प्यारे को पसंद आता है तो वो आके आके बोलकर कविता का आनंद लेते हैं...छंद में।

to टू, do डू, तो GO गो क्यूं
धर्मेंद्र के इंग्लिश लेसन्स भी कोई नहीं भूल सकता। चाहे पिथिसिस हो या पिनुमोनिया या टी ओ टू, डी ओ डू...

प्यारे का रूमाल
जब प्यारे का रूमाल सुलेखा के कमरे के बाहर से मिलता है तो जीजाजी का शक कुछ ऐसे बयान होता है...तुम्हारा नाम पुमित्रा नहीं, रत्ना का नाम पटना नहीं, तुम्हारी बहन का नाम पुलेखा नहीं, मेरा नाम पाघवेंद्र नहीं..इस घर में अगर कोआ प से है तो प्यारे मोहन!

जो है, वो दरअसल नहीं है पर जो नहीं है वो कैसे...Uff
फिल्म अमिताभ बच्चन का ये सीन कोई नहीं भूल सकता। कोरोला के बारे में उनका विश्लेषण और अपनी पोल खुलने से डर। परिमल और प्यारे के बीच अमिताभ बेचारे गोते खाते रहते थे। अमिताभ का फेमस डायलॉग जो है वो नहीं है...और जो नहीं है वो कैसे हो सकता है! जो मैं बोल रहा हूं वो दरअसल मैं नहीं बोल रहा हूं...मतलब हूं मैं ही...मगर....solid confusion!

बनने वाला है रीमेक
माना जा रहा है कि फिल्म का रीमेक भी बन रहा है। फिल्म में राजकुमार राव, धर्मेंद्र की भूमिका में दिखाई देंगे। वहीं फिल्म में अमिताभ बच्चन और शर्मिला टैगोर के किरदारों की कास्टिंग ढूंढी जा रही है।

लव रंजन करेंगे प्रोड्यूस
फिल्म को लव रंजन प्रोड्यूस कर रहे हैं और दर्शक राजकुमार राव को धर्मेंद्र के किरदार में देखने के लिए काफी उत्साहित हैं।


Click it and Unblock the Notifications











