थिएटर में नहीं देख पाए विक्की कौशल की छावा? कोई बात नहीं इस तारीख से OTT पर रिलीज होने वाली है धांसू फिल्म

Chhaava OTT Release: 'छावा' संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित एक हिस्टोरिकल एक्शन फिल्म है। लंबे समय तक सिनेमाघरों में चलने के बाद, विक्की कौशल (Vicky Kaushal Chhaava), अक्षय खन्ना और रश्मिका मंदाना (Vicky Kaushal Rashmika Mandanna) स्टारर फिल्म डिजिटल डेब्यू के लिए पूरी तरह तैयार है।
कब रिलीज हुई थी फिल्म
यह फिल्म वैलेंटाइन डे, 14 फरवरी, 2025 को रिलीज हुई थी और छत्रपति संभाजी महाराज के कैरेक्टर के लिए इसने बहुत ध्यान आकर्षित किया। जो फैंस सिनेमा हॉल नहीं जा पाए या फिल्म देखना चाहते हैं, वे इसे अप्रैल 2025 में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं।
ओटीटी रिलीज डेट
फिल्म का प्रीमियर 11 अप्रैल, 2025 को डिजिटल रूप से किया जाएगा। दर्शक इसे नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं। यह फिल्म प्रसिद्ध मराठी लेखक शिवाजी सावंत के इसी नाम के लोकप्रिय उपन्यास का रूपांतरण है। विक्की कौशल के कैरेक्टर और अक्षय खन्ना के औरंगजेब के कैरेक्टर को दर्शकों से खूब तारीफें मिली।
क्या है छावा का मतलब
मराठी में छावा का मतलब शेर का बच्चा होता है। यह टाइटल वीरता, शक्ति और शिवाजी महाराज की विरासत का प्रतीक है। शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज को "छावा" के नाम से जाना जाता था।
फिल्म के नेटफ्लिक्स पर आने के बारे में बात करते हुए, विक्की कौशल ने कहा, "छत्रपति संभाजी महाराज का रोल निभाना शब्दों से परे सम्मान की बात थी और यह मेरे करियर के सबसे बेहतरीन एक्सपीरिएंस में से एक था। उनका साहस, लचीलापन और विरासत ऐसी चीजें हैं जो दुनिया के हर कोने तक पहुंचनी चाहिए। नेटफ्लिक्स के साथ, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनकी कहानी न केवल भारत में गहराई से प्रवेश करे, बल्कि उसे वह वैश्विक मंच भी मिले जिसकी वह हकदार है।"
क्या है कहानी
फिल्म में छत्रपति संभाजी महाराज को दिखाया गया है, जो मराठा स्वराज की रक्षा के लिए मुगल सम्राट औरंगजेब के खिलाफ निडरता से लड़ते हैं। कहानी दिखाती है कि कैसे छत्रपति शिवाजी महाराज की मृत्यु के बाद संभाजी ने अपने साम्राज्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली। फिल्म में औरंगजेब का विरोध करने में उनकी चतुर रणनीतियों को भी दिखाया गया है। हालांकि, उनके बहनोई ने मुगल साम्राज्य को उनके छिपे हुए स्थान का खुलासा करके उन्हें धोखा दिया, जिसके कारण सम्राट ने उन्हें पकड़ लिया। संभाजी को पकड़ने के बाद, औरंगजेब ने उन्हें उनकी मृत्यु तक खूब तड़पाया।
फिल्म के बारे में
फिल्म का डायरेक्शन लक्ष्मण उतेकर ने किया है। फिल्म की कहानी ऋषि विरमानी, लक्ष्मण उटेकर, कौस्तुभ सावरकर, उन्मन बांकर और ओमकार महाजन ने लिखी है। इसे मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले दिनेश विजन ने प्रोड्यूस किया है।


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