अमिताभ बच्चन,रणबीर के साथ 22 साल की सुचिस्मिता ने किया काम,गरीबी में बेचती हैं मोमोज, कमाई 300 रुपए
कोरोना लॅाकडाउन ने कई लोगों के लिए मुसीबत लेकर आयी। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई ऐसे लोग रहे हैं जिनको आर्थिक परेशानी का सामना करने के कारण या तो अपने घर के सामान बेचने पड़े हैं या फिर लोन भरने के लिए पैसे नहीं थे। इस फेहरिस्त में 22 साल की कैमरा पर्सन सुचिस्मिता राउतराय का भी नाम शामिल है।
जो कि आज अपने घर ओडिशा जाकर हर दिन शाम को मोमोज बेचकर गुजारा करना पड़ा है। सुचिस्मिता ने इस इंडस्ट्री में अपने छह साल गुजारे कमाई भी की। लेकिन लॅाकडाउन ने सलमान खान, अमिताभ बच्चन और रणबीर कपूर के साथ काम कर सुचिस्मिता के लिए सब खत्म कर दिया।

सुचि स्मिता ने बताया है कि लॅाकडाउन के दौरान उन्हें काफी परेशानी हो गई थी, जिसके बाद उन्हें सलमान खान और अमिताभ बच्चन से मदद मिली और दोबारा से वह अपने घर लौट आयी हैं।

साल 2015 में मुंबई आयीं और फिर कोरोना ने सब खत्म कर दिया
साल 2015 में सुचिस्मिता मुंबई आयी थीं। यहां पर बॅालीवुड में काम खोजने पर उन्हें 6 साल तक बतौर असिस्टेंट कैमरा पर्सन काम किया। कमाई भी की। कोरोना में काम की कमी और पैसे खत्न होने के कारण उनके पास मुंबई में कुछ नहीं बचा।

सलमान-अमिताभ बच्चन ने की मदद
आलम तो ये था कि मुंबई से ओडिशा जाने के लिए भी उनके पास पैसे नहीं थे। जब सलमान खान और अमिताभ बच्चन ने जूनियर कलाकारों की मदद की तो सुचिस्मिता को भी उनके घर आने के लिए कुछ पैसे मिल गए।

अपनी मां और खुद का गुजारा करने के लिए
ओडिशा में आकर वह अपना और मां का गुजारा करने के लिए हर शाम को कटक की सड़क पर मोमोज बेचती हैं। हर दिन वह मुश्किल से 300 से 400 कमा पाती हैं।

सुुचिस्मिता ने नहीं मानी हार
सुचिस्मिता के जीवन में मां के अलावा कोई नहीं है।छोटी सी उम्र में भी हालात खराब होने पर भी उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी कोशिश जारी रखी है।

हर दिन करती हैं 300 रुपए की कमाई
ओडिशा के एक टीवी रिपोर्ट अनुसार सुचिस्मिता दिन भर मोमोज की तैयारी करती हैं। शाम को मोमोज को डब्बा लेकर वह चल पड़ती है और घर पर हर दिन 300 से 400 रुपए लेकर पहुंचती हैं।


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