'नया दौर' देने वाले बीआर चोपड़ा का निधन

वह 94 साल के थे. उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियाँ हैं.
‘धूल का फूल, ‘वक़्त, ‘नया दौर, ‘क़ानून, ‘हमराज, ‘इंसाफ़ का तराज़ू और ‘निकाह जैसी कई सफल फ़िल्में बलदेवराज चोपड़ा की देन हैं.
पर बड़े पर्दे पर ही नहीं, बीआर चोपड़ा ने छोटे पर्दे को भी जो दिया, वो उनके बाद शायद कोई न दे सके.
महाभारत की कथा पर महाभारत नाम से ही एक ऐसा धारावाहिक बीआर चोपड़ा ने बनाया जिसकी प्रसिद्धि का पैमाना आज भी धारावाहिक जगत में मानक के तौर पर देखा जाता है.
मशहूर निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा उनके छोटे भाई हैं.
महान फ़िल्मकार
नया दौर जैसी फ़िल्म बीआर चोपड़ा की देन है
बीआर चोपड़ा के नाम से मशहूर बलदेव राज चोपड़ा का जन्म 22 अप्रैल 1914 को पंजाब के लुधियाना में हुआ था.
उन्होंने लाहौर विश्विवद्यालय से अंग्रेज़ी साहित्य में एमए किया था. उन्होंने अपना करियर फ़िल्म पत्रकार के रूप में शुरू किया था.
वर्ष 1955 में बीआर चोपड़ा ने अपने फ़िल्म निर्माण कंपनी बीआर फ़िल्म्स बनाई. इस बैनर की ओर से उन्होंने ‘नया दौर बनाई.
बीआर चोपड़ा ने विधवा पुनर्विवाह और वेश्यावृत्ति जैसी सामाजिक समस्या को अपनी फ़िल्मों का विषय बनाया. उनकी ज़्यादातर फ़िल्में किसी न किसी सामाजिक मुद्दे पर आधारित थी.
फ़िल्म जगत में दिए गए उनके योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें फ़िल्मों का सबसे बड़े सम्मन ‘दादा साहब फाल्के से सम्मानित किया.


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