बुकर शॉर्टलिस्ट में दो भारतीय

अरविंद अदिगा को उनकी पहली ही किताब द व्हाइट टाइगर के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है जबकि स्टीव टॉल्ज़ भी ऐसे लेखक हैं जिन्हें पहली ही किताब के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है.
सूची में एकमात्र महिला लिंडा ग्रांट हैं. इसके अलावा फिलिप हेनशर और सेबास्टियन बैरी भी सूची में शामिल हैं.
बुकर समिति के जज ने अंतिम छह किताबों की सूची को 'पढ़ने के लिए बेहतरीन' किताब क़रार दिया है और कहा है कि ये किताबें 'कल्पना और लेखन का अद्भुत नमूना हैं.'
वो कहते हैं, "ये किताबें हर स्तर पर महत्वाकांक्षी हैं."
पहली बार इन किताबों के कुछ हिस्से मोबाइल पर भी डाउनलोड किए जा सकेंगे.
इस बार की सूची में दो भारतीय, दो ब्रितानी, एक आयरिश और एक ऑस्ट्रेलियाई लेखक हैं. भारत के अरविंद अदिगा मात्र 34 साल के हैं और इस सूची में शामिल लेखकों में सबसे कम उम्र के हैं.
हेनशर और ग्रांट को 2002 में भी नामित किया गया था लेकिन उन्हें पुरस्कार नहीं मिल सका.
सर सलमान रुश्दी को उनकी पुस्तक द एनचान्ट्रेस ऑफ़ फ्लोरेंस के लिए लॉंगलिस्ट में रखा गया था लेकिन शॉर्टलिस्ट में उनका नाम नहीं आ पाया.
वैसे रुश्दी इससे पहले 1981 में मिडनाइट चिल्ड्रेन के लिए बुकर जीत चुके हैं जबकि बुकर की 40 वीं वर्षगांठ पर उन्हें बुकर ऑफ बुकर्स भी मिला है.
इस बार बुकर पुरस्कार के विजेता को लंदन में 14 अक्तूबर को 50 हज़ार पाउंड का पुरस्कार दिया जाएगा.


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