अजीब दास्तां है ये: बॉम्बे टॉकीज
जोया अख्तर, अनुराग कश्यप, दिबाकर बैनर्जी और करन जौहर की ये खुशकिस्मती है कि उन्हें हमारे बॉलीवुड के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए एक पूरी फिल्म मिली जिसके लेखक भी वो हैं, एक्टर भी, निर्माता भी और निर्देशक भी। बॉम्बे टॉकीज फिल्म में असल में देखी जाए तो बहुत ही खास है। इस फिल्म को खास बनाने के पीछे दो सबसे बड़ी वजह हैं पहली वजह ये है कि ये फिल्म इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के 100 साल पूरे होने पर रिलीज हुई है और दूसरी वजह है इस फिल्म के चार निर्देशक जिन्होंने ये फिल्म खास बनाई है। जोया अख्तर, करन जौहर, अनुराग कश्यप और दिबाकर बैनर्जी चारों निर्देशकों ने ये फिल्म बिजनेस को ध्यान में रखकर नहीं बनाई बल्कि उन्होंने ये फिल्म बनाई है सिर्फ और सिर्फ अपने बॉलीवुड के लिए।
पहली बार चारों निर्देशकों ने एक साथ मिलकर काम किया। लेकिन फिल्म को देखकर यही लगेगा कि चारों एक साथ होकर भी एक साथ नहीं थे। क्योंकि चारों कहानियों के अलग अलग किरदार हैं साथ चारों कहानियो को एक साथ एक ही फिल्म में डालने के लिए काफी मेहनत भी की गयी है। फिल्म को देखने के बाद दर्शकों के दिल में एक ही सवाल आया कि चारों निर्देशकों को कितनी मेहनत लगी होगी अपनी कहानियों को कुछ ही मिनटों में समेटने में। एक कहानी शुरु होती है तो जी चाहता है कि वो कहानी आगे चलती ही रहे। खत्म ना हो। लेकिन कहानियों का अंत भी कहीं से भी अधूरा नहीं लगा।
फिल्म की शुरुआत लता मंगेशकर के गाने अजीब दास्तां है कहां शुरु कहां खत्म से होती है। उसके बाद फिल्म में एक के बाद एक किरदारों की एंट्री होती है और एक एक करके चारों कहानियां परदे पर आती हैं। बॉम्बे टॉकीज फिल्म को देखने के बाद आपके दिल में कोई ना कोई कहानी जरुर बस जाएगी। फिल्म में नवाजु्द्दीन सिद्दिकी, रणदीप हुड्डा, रानी मुखर्जी, कैटरीना कैफ, अमिताब बच्चन ने काफी बेहतरीन एक्टिगं की है।


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