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    तू तो ना आए तेरी याद सताए

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    ताउम्र जिंदगी का जश्‍न मनाने वाले सदाबहार अभिनेता देव आनंद सही मायने में एक अभिनेता थे जिन्होंने अंतिम सांस तक अपने कर्म से मुंह नहीं फेरा। देव साहब की तस्वीर आज भी लोगों के जेहन में एक ऐसे शख्स की है जिसका पैमाना न केवल जिंदगी की रूमानियत से लबरेज था बल्कि जिसकी मौजूदगी आसपास के माहौल को भी नयी ताजगी से भर देती थी। इस करिश्माई कलाकार ने "मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया... हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया" के दर्शन के साथ जिंदगी को जिया। यह उनकी 1961 में आयी फिल्म हम दोनों का एक सदाबहार गीत है और इसी को उन्होंने जीवन में लफ्ज दर लफ्ज उतार लिया था।

    जिंदगी का साथ निभाने वाले देव साहब ने बीती रात लंदन में जिंदगी को अलविदा कह दिया। सुनते हैं कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। वैसे तो वह जिंदगी के 88 पड़ाव पार कर चुके थे लेकिन वो नाम जिसे देव आनंद कहा जाता है, उसका जिक्र आने पर अभी भी नजरों के सामने एक 20 या 25 साल के छैल छबीले नौजवान की शरारती मुस्कान वाली तस्वीर तैर जाती है जिसकी आंखों में पूरी कायनात के लिए मुहब्बत का सुरूर है।

    देव साहब के अभिनय और जिंदादिली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब राज कपूर और दिलीप कुमार जैसे कलाकारों ने फिल्मों में नायक की भूमिकाएं करना छोड़ दिया था उस समय भी देव आनंद के दिल में रूमानियत का तूफान हिलोरे ले रहा था और अपने से कहीं छोटी उम्र की नायिकाओं पर अपनी लहराती जुल्फों और हालीवुड अभिनेता ग्रेगोरी पैक मार्का इठलाती टेढ़ी चाल से वह भारी पड़ते रहे।

    देवानंद के निधन पर शोक में डूबी बालीवुड नगरी

    हिंदी फिल्म जगत यानि की बालीवुड, जिंदगी जीने का नया सलीका सिखाने वाले सदाबहार अभिनेता देवानंद के चले जाने से गम में डूबा है और सभी की जुबान पर यही शिकवा है कि देव साहब के साथ एक युग का अंत हो गया। बालीवुड के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज राजू गाइड के साथ एक अनोखी प्रेम कहानी की नायिका रोजी वहीदा रहमान ने देव साहब के निधन की खबर सुनकर यही कहा कि उन्हें यह खबर सुनकर बेहद दुख हुआ है क्योंकि वह उनके पहले नायक थे और उन्होंने अपनी अधिकतर फिल्में उन्हीं के साथ की थीं।

    वहीदा कहती हैं कि बालीवुड को हमेशा उनसे कुछ न कुछ सीखने को मिला क्योंकि उनके अंदर बहुत उर्जा थी। उन्होंने कहा, मैं अक्सर उनसे कहती थी कि देव लगता है तुम्हारे अंदर एवरेडी बैटरी लगी है। मैगास्टार अमिताभ बच्चन ने ट्वीटर पर लिखा है, एक युग समाप्त हो गया । देव आनंद एक ऐसा शून्य छोड़ गए हैं जो शायद कभी नहीं भरा जा सकेगा। कभी हार न मानने का उनका विश्वास और जिंदगी को जश्न की तरह जीने की ललक। उन्होंने लिखा, पिछले ही दिनों एक समारोह में देव साहब से मुलाकात हुई थी। वह कमजोर लग रहे थे लेकिन जिंदादिली से भरपूर थे। मीडिया से उनके निधन की खबर की पुष्टि हुई। दुखद है। देव साहब के बारे में खबरों को खंगाल रहा हूं। प्रार्थना कर रहा हूं कि ये सच न हों। वह इतनी सकारात्मक सोच वाले इंसान थे कि कभी मौत उनसे जुड़ी दिखी ही नहीं ।

    English summary
    Dev Anand was the ultimate flamboyant and irresistibly charming silver screen star, whose romantic image and infectious zeal for life and cinema will outlive that of his contemporaries. The charismatic star lived by the philosophy of "Main Zindagi Ka Saath Nibhata chala gaya, har fikar ko dhuen mein udata chala gaya," a song from his movie "Hum Dono" (1961).
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