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    हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगी 'शमशाद बेगम'

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    भारतीय सिनेमा की माइल स्टोन शमशाद बेगम आज हमारे बीच में नहीं हैं। उनके जैसा फूल शायद ही अब कभी हिंदी सिनेमा में खिलेगा। यह बॉलीवुड समत पूरे भारत में अपूर्णनिय क्षति है, जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता है। आज उनके जाने से लोगों की आंखे नम हैं।

    गौरतलब है कि शमशाद बेगम की जिन्होंने मंगलवार रात को दुनिया को अलविदा कह दिया। वह 94 साल की थीं और लंबे अरसे से बीमार चल रही थीं।

    14 अप्रैल 1919 को अमृतसर में जन्मीं शमशाद बेगम को लता मंगेशकर भी अपना आदर्श मानती हैं। बेगम के निधन से पूरा बॉलीवुड आहत है। इस साल हिंदी सिनेमा के सौ साल पूरे होने जा रहे हैं तीन मई को। ऐसे में हिंदी सिनेमा अपनी इस फनकार को सम्मानित करना चाहता था लेकिन सम्मानित करने से पहले बेगम ने दुनिया को अलविदा कह दिया जिसके कारण पूरा बॉलीवुड इस समय शोकग्रस्त हो गया है।

    लोगों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए ऊपरवाले से प्रार्थना की है।

    लता मंगेशकर

    लता मंगेशकर

    भारत कोकिला लता मंगेशकर ने ट्वीट किया कि बुधवार सुबह मुझे पता चला कि मशहूर प्लेबैक सिंगर शमशाद बेगमजी हमारे बीच नहीं रही, ये सुनके मुझे बहुत दुख हुआ, मैंने उनके साथ काफी फिल्मों में गाने गाये। वह बहुत अच्छी हंसमुख और सीधी सादी शख्सियत थीं। मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।

    अमिताभ बच्चन

    अमिताभ बच्चन

    अभिनेता अमिताभ बच्चन ने कहा कि बॉलीवुड ने अपनी 'स्वर्णिम आवाज' खो दिया है। बिग बी ने कहा है कि बॉलीवुड हमेशा उनका कृतज्ञ रहेगा। वह सुरों की मलिका थीं। उनके पास बिल्कुल अलग आवाज थी जो कि सिनेमा उद्योग के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। वास्तव में संगीत उद्योग के लिए यह अपूरणीय क्षति है।"

    ममता शर्मा

    ममता शर्मा

    प्रतिष्ठित गायिका शमशाद बेगम के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए पाश्र्वगायिका ममता शर्मा ने उन्हें 'सुरों की मलिका' के रूप में याद किया। ममता के मुताबिक शमशाद के पास 'दुर्लभ' आवाज थी। 'मुन्नी बदनाम' और 'फेविकोल से' चर्चित ममता शर्मा ने कहा, "मैं बहुत दुखी महसूस कर रही हूं क्योंकि मैं उन्हें बेहद पसंद करती थी। मैंने उनकी आवाज का अनुसरण किया है। उनके गाने हमारे दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे।

    मधुश्री

    मधुश्री

    'कभी नीम नीम' जैसे गानों से चर्चित मधुश्री ने कहा, "शमशाद बेगम जी बहुत मशहूर गायिका थीं। उनके पास मौलिक आवाज थी जो कि दुर्लभ है। एक पाश्र्व गायिका के रूप में मैं कह सकती हूं कि प्रत्येक गायिका ने, लताजी (लता मंगेशकर) और आशाजी (आशा भोसले) भी, सभी ने उनसे प्रेरणा ली है। लेकिन शमशाद के पास मौलिक और शुद्ध आवाज थी। और कोई भी उनकी नकल करने में सक्षम नहीं रहा है।"

    महेश भट्ट

    महेश भट्ट

    फिल्म निर्माता महेश भट्ट ने कहा, "शमशाद बेगम का संगीत जगत के लिए बहुत बड़ा योगदान रहा है। जब हम भारतीय सिनेमा के 100 साल के सफर पर बारीक नजर डालते हैं तो महत्वपूर्ण है कि हम सभी शमशाद जी के सम्मान में अपना शीश नवाएं और अपना मर्मस्पर्शी श्रद्धांजलि अर्पित करें। जिन्होंने भारतीय संगीत परिदृश्य को अधिक खूबसूरत बनाया।"

    English summary
    Describing her death as a "great loss", Mamta Sharma and Madhushree, from the current lot of playback singers, remember Shamshad Begum as "queen of melody" who had a "rare voice".
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