ओमपरी का भरोसा टूटा

ओम पुरी की अधिकतर फिल्मों में उनके किरदार को देखकर आसानी से इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने किरदार को काफी समझदारी से चुना है।
हां यह और बात है कि यह बातें उनकी हाल की फिल्मों पर लागू नहीं होती। मगर फिर भी उन फिल्मों के लिए ओम पुरी को खुद से या निर्देशक से कोई शिकायत नहीं है। अगर उन्हें शिकायत किसी से हैं तो नामचीन निर्देशक राहुल रवैल से, जिन्होंने एक से बढकर एक फिल्में बनाई हैं।
अपने कैरियर में 'बुड्ढा मर गया" जैसी फिल्म साइन करने का ओम पुरी को दुख है। 'बुड्ढा मर गया" के बारे में ओम पुरी का कहना है, “मैं अपनी ज़िंदगी में कभी दुबारा 'बुड्ढा मर गया" जैसी फिल्म नहीं करूंगा। दरअसल मैंने उसकी कहानी पढी नहीं सिर्फ सुनी थी। अगर मैंने कहानी पढी होती तो मैं वह फिल्म कभी नहीं करता।
दूसरी बात मुझे राहुल रवैल पर बहुत भरोसा था क्योंकि अब तक उन्होंने बेहतरीन फिल्में ही बनाई है। मगर अफसोस उस फिल्म से उन्होंने मेरा भरोसा तोड़ दिया।“ ओम साहब वैसे तो आपने भी अपनी कुछ फिल्मों से अपने दर्शकों का भरोसा तोड़ दिया जो आपसे बेहतरीन अभिनय ही नहीं, अच्छे किरदार की भी अपेक्षा करते हैं। फिलहाल उसका क्या।


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