सिक्वल फिल्में बनी बॉलीवुड की ज़ुबान

अब बात यह आती है कि क्या बॉलीवुड के पास फिल्मों के नाम का अकाल पड़ गया है या लोगों के पास परोसने को कुछ नहीं बचा है। फिल्म पर्दे से उतरी नहीं कि फिल्म के दूसरे भाग की घोषणा कर दी जाती है। आखिर ये ट्रेंड बॉलीवुड में आया कहां से इस बात का एक ही जवाब है कि निश्चय ही यह ट्रेंड बॉलीवुड में हॉलीवुड से ही आया है। जो आज के बॉलीवुड की ज़ुबान बन गया है।
हॉलीवुड में काफी पहले से ही सिक्वल फिल्में बना करती हैं। वहां हर फिल्मों पर काफी मेहनत की जाती है चाहे वो सिक्वल ही क्यों ना हो लेकिन हर बार फिल्म की कहानी में नया पन होता है। फिल्म की स्क्रिप्ट पर काफी मेहनत की जाती है। इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि यह फिल्म पहले वाली फिल्म से अलग हो। लेकिन बॉलीवुड में जब सिक्वल फिल्में बनती है तो फिल्म में कुछ अलग दिखाने पर ध्यान ही नहीं दिया जाता है बस कहानी एक ही ढर्रे पर अगे बढ़ती रहती है।
शायद यही कारण है कि यहां सिक्वल फिल्में ज्यादा से ज्यादा एक हफ्ते ही चला करती है फिर उस फिल्म का दम निकल जाता है। ऐसा नहीं है कि सिक्वल फिल्मे हाल ही में बनाई जा रही हैं इससे पहले भी बॉलीवुड में कई सिक्वल फिल्में बनी जिसमें 'नगीना' की 'निगाहें', 'कयामत से कयामत तक' का 'तुम मेरे' हो लेकिन कहानी में कुछ नया पन ना होने के कारण ये फिल्में फ्लॉप रही।
अगर फिल्म की कहानी पूरी तरह से नयी और रोचक हो तो दर्शक जरूर इसे देखना चाहेंगे जैसे कि अगर फिल्म 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' और 'लगे रहो मुन्ना भाई', धूम और धूम 3 की बात करें तो द र्शकों ने इन्हें काफी पसंद किया क्योंकि हर बार इस फिल्म में कुछ नया पन ही दर्शकों को देखने मिला। इस साल बॉलीवुड में सबसे अधिक सिक्वल फिल्में ही दर्शकों के सामने आएंगी। जैसे 'रॉक ऑन 2', 'डॉन 2', 'धमाल 2', 'पार्टनर 2', 'मोस्ट वांटेड' वांटेड का सिक्वल, 'रेस 2','दोस्ताना 2', 'हेरा फेरी 4', 'धूम 3', 'दबंग 2' ये कुछ ऐसी बड़े बैनर की फिल्में है जो इस वक्त चर्चा में बनी हुई हैं।
फिल्मों सिक्वल ही नहीं आज कल बॉलीवुड के एक्टर हॉलीवुड के लोगों के नख्शे कदम पर चल रहे हैं, वो केवल सिक्वल ही नहीं अपनी फिल्मों के तकनीक भी हॉलीवुड की तर्ज पर ही कॉपी करना चाहते हैं। अपनी फिल्मों में एक्टर एक्ट्रेस भी खुद के लुक के साथ बदलाव लाने में पिछे नहीं हैं वह अपने लुक्स, हेयर स्टाइल, भी हॉलीवुड की ही तरह कॉपी करने में पिछे नहीं रहते। चाहे रॉ वन के शाहरूख, और अर्जुन रामपाल हो, या फिर सैफ अली खां, अक्षय कुमार, फिर लारा दत्ता हर कोई बदले लुक के साथ इस साल आपको चौकाने की तैयारी में हैं। लेकिन फिल्मों में अपने लुक के साथ खेलने वाले कलाकारों को शायद यह तो पता ही होगा कि फिल्में चेहरे मोहरो से नहीं बल्कि कहानी में कुछ दम होने से चला करती है। सिक्वल फिल्मों में सिर्फ किरदार नहीं पूरी फिल्म को देखने के लिए दर्शक पर्दे तक आते हैं।


Click it and Unblock the Notifications











