आशा भोसले गिनीज़ बुक में शामिल, बॉलीवुड से मिला बधाई संदेश

हम आपको बता दें की सुरो की मलिका को यह सम्मान 1947 से लेकर अब तक 20 भारतीय भाषाओं में 11 हजार से ज्यादा सोलो, डुएट और कोरस गानों को अपनी आवाज़ दिये जाने के कारण ही लंदन के एशिया अवॉर्ड फंक्शन में दिया गया।
इसी के साथ ही उन्हें लोगों ने ट्विटर पर इस मौके के लिए मुबारकबात दी है। आशा ने इस मौके पर कहा है कि आज सही मायने में मेरी आवाज को पहचान मिली है। मुझे यह पता था कि मेरे नाम सबसे ज्यादा गानों को गाने का रिकॉर्ड हैं, लेकिन इसके बाद भी मैं चुप रही। विश्वास नेरूकर ने मेरे सब गानों के बारे में पता करके गिनीज़ बुक को सही जानकारी भेज दी और जिसके कारण ही आज मुझे यह सम्मान मिला है।
लोगों से मैं यही कहना चाहूंगी कि आपका प्यार इसी तरह मुझपर बना रहे। आशा भोसले को अब आप जल्द ही उनकी फिल्म माई में देख सकेंगे।


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