बॉलीवुड की कालाबाजारी में कौन-कौन शामिल

अनुभव सिन्हा जिन्होने शाहुरख खान की फिल्म रा.वन का निर्देशन किया था ने साफ साफ कहा है कि फिल्म इंडस्ट्री में ब्लैक मनी को व्हाइट मनी में बदलना बहुत आसान है। ब्लैक मनी का प्रयोग फिल्म के निर्माण में होने वाले ज्यादा खर्चे में, फिल्म के एक्टर एक्ट्रेस को टेबल के नीचे से दिये जाने वाले पैसे में प्रयोग किया जाता है। अनुभव सिन्हा ने न्यूज चैनल के अंडरकवर एजेंट के साथ 25 प्रतिशत व्हाइट और बाकी ब्लैक मनी से बनी एक डील भी स्वीकार की। अनुभव ने छुपे कैमरे में ये भी वादा किया ब्लैक मनी देने वाले का नाम सीक्रेट रखा जाएगा।
पायल रोहतगी और संग्राम सिंह पायल रोहतगी ने कॉरपोरेट, हे बेबी और 36 चाइना टाउन फिल्मों में छोटे छोटे किरदार निभाए हैं। आजक उनका अफेयर संग्राम सिंह के साथ चल रहा है जो कि जल्द ही बॉलीवुड में अपनी पहली फिल्म करने वाले हैं। जब चैनल के अंडरकवर एजेंट ने उनसे अपनी फिल्म में काम करने के लिए कहा तो दोनों 30 लाख रुपये में काम करने के लिए तैयार हो गए लेकिन लिखित तौर पर सिर्फ 5 लाख की ही मांग की।
वासु भगनानी जो कि बॉलीवुड के दिग्गज निर्माताओं में से एक हैं जिन्होंने अभी तक कुली नंबर 1, बड़े मियां छोटे मिंयां, डू नॉट डिस्टर्ब और फालतू जैसी फिल्मों का निर्माण किया है ने फिल्म के सभी राइट्स कैश में खरीदने को लेकर कहा "मेरे पास कई तरीके हैं ब्लैक मनी को व्हाइट में बदलने के..लेकिन इंसान को ईमानदार होना चाहिए। हमें इंकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा पकड़े नहीं जाना चाहिए।"
अनीज बज्मी और राजीव कौल अनीज बज्मी जिन्होने नो एंट्री, चलते चलते, सिहं इज किंग और रेडी जैसी सफल फिल्में बनाई हैं और राजीव कौल जो कि दिल, बेटा, वेलकम और रेडी जैसी हिट फिल्मों के स्क्रिप्ट राइटर रह चुके हैं ने बताया कि किस तरह कॉरपोरेट फर्म फिल्म को चैक के द्वारा रकम देती हैं और फिल्म बनाने वाले इन चैक की रकमों को ब्लैक मनी इन्वेस्टर्स से बांटेकर पैसों को ब्लैक से व्हाइट करते हैं।
आरती छाबरिया के माता-पिता आरती छाबरिया जो कि शूटआउट एट लोखंडवाला, पार्टनर और शादी नंबर वन में नज़र आई थीं के माता पिता आरती द्वारा की जाने वाली फिल्मों के लिए आधे व्हाईट और आधी ब्लैक मनी लेते हैं।


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