बॉलीवुड की चर्चित चेहरे जिन्हें जिंदगी छोड़ सब कुछ मिला

इस श्रेणी में सबसे पहले नाम आता है अभिनेत्री स्मिता पाटिल का, जिन्होंन हिंदी सिनेमा महिला किरदार का ऐसा चरित्र लिखा जिसे लिखना हर किसी के बस में नहीं होता है। पुणे में जन्मी स्मिता के पिता शिवाजीराव पाटिल महाराष्ट्र सरकार मे मंत्री और मां एक सामाजिक कार्यकर्ता थी। उनकी आरंभिक शिक्षा मराठी माध्यम के एक स्कूल से हुई थी । उनका कैमरे से पहला सामना टीवी समाचार वाचक के रूप हुआ था।
हमेशा से थोडी़ विद्रोही रही स्मिता की बडी़ आंखों और सांवले सौंदर्य ने पहली नज़र मे ही सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया । स्मिता पाटिल के प्रेम संबंध राज बब्बर से हो गये जिनकी परिणिति अंतंतः विवाह मे हुई। राज बब्बर जो पहले से ही विवाहित थे और उन्होने स्मिता से शादी करने के लिये अपनी पहली पत्नी को छोडा़ था। जहां स्मिता ने आक्रोश, भूमिका, मिर्चमसाला जैसी क्लासिक फिल्में दीं यही नहीं उन्होंने शक्ति और नमक हलाल, आखिर क्यों जैसी व्यवसायिक फिल्में देकर फिल्मी कैनवस को चमकाया जिसकी चमक आज भी लोग महसूस करते हैं। लेकिन मात्र 31 साल की उम्र में उन्होंने जिंदगी का साथ छोड़ दिया। उन्होंने प्रतीक बब्बर को जन्म देने के दो हफ्ते ही बाद ही जीवन को अलविदा कह दिया।
ऐसी ही एक और अभिनेत्री थी जिन्होंने बहुत जल्द ही अपनी लाईफ को गुड बॉय कर दिया। अस्सी के दशक में साउथ के रूपहले पर्दे पर एक ऐसा चेहरा अवतरित हुआ जिसने फिल्मी रूपरेखा को ही बदल दिया नाम था सिल्क स्मिता। 6 गज की साड़ी पहने और बालों में फूल लगाये अभिनेत्री को देखने वाले दर्शकों को मिनी स्कर्ट और उत्तेजक डांस का चस्का लगाने वाली सिल्क स्मिता ही थीं। उनकी अदाओं में जबरदस्त आकर्षण था जिसकी एक झलक पाने के लिए लोग बेकरार रहते थे। साल 1960 में आंध्रप्रदेश के उरूल गांव में बेहद ही गरीब परिवार में जन्मी सिल्क स्मिता का असली नाम विजयलक्ष्मी था।
तंगहाली का आलम यह था विजयलक्ष्मी को कक्षा 4 में ही अपनी पढ़ाई से हाथ धोना पड़ा। किसी तरह दो जून की रोटी जुटाने वाले विजयलक्ष्मी के परिवार ने किशोरावस्था में ही उसकी शादी कर दी। लेकिन तंगहाली ने वहां भी उनका साथ नहीं छोड़ा जिसके चलते विजयलक्ष्मी ने अपना ससुराल छोड़ दिया। और वो रोजी-रोटी की तलाश में उस समय फिल्मों की राजधानी कही जाने वाली कुदाननक्म आ गयी।
जहां उन्हें फिल्मी अभिनेत्रियों के मेकअप करने का काम मिला, वो भी वो मेकअप जो शूटिंग के दौरान टचअप देने का होता है लेकिन इसी दौरान उनके फिल्मी संपर्क बनें जो उन्हें शोहरत की उस बुलंदी पर ले गये जहां पहुंचना हर किसी के बस में नहीं होता है। एक मामूली सी मेकअप गर्ल को मलयालम फिल्म में काम करने का मौका मिल गया और उसके बाद कामयाबी का वो सफऱ शुरू हुआ जो आत्महत्या के मंच से समाप्त हुआ।
एक से एक धमाकेदार किरदार पर्दे पर जी कर सिल्क स्मिता रातों-रात स्टार बन बैठीं। बहुत कम समय में वह 450 फिल्मों में काम कर चुकी थीं, शौहरत का यह सफर अचानक 23 सितंबर 1996 को उस दिन खत्म हो गया जिस समय खबर आयी कि सिल्क ने आत्महत्या कर ली है । सिल्क के परिवार वाले मानने को तैयार नहीं कि सिल्क जैसी बिंदास लड़की आत्महत्या भी कर सकती है।
इसी श्रेणी में तीसरा नाम है अभिनेत्री दिव्या भारती का। महज 13 साल की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाली दिव्या ने महज 6 साल की उम्र में कामयाबी का वो मंजर देखा जिसे देखना हर किसी के बस में नहीं होता है। दिव्या भारती ने तेलगू फिल्मों से अपनी फिल्मी करियर शुरू किया और 1992 में हिन्दी फिल्मों में प्रवेश किया। विश्वात्मा उनकी पहली फिल्म थी। दिव्या भारती तेजी से सफलता की सीढियाँ चढ रही थी। 5 अप्रैल 1993 की आधी रात के समय वे अपने पति साजिद नडियादवाला के घर की खिड़की से गिर पड़ी। उनकी मौत आज तक संदेहास्पद है। आज तक यह पता नहीं चल पाया कि दिव्या की मौत हुई कैसे?
तो ये हैं वो चेहरे जिन्होंने फिल्मी दुनिया में ऐसी धूम मचाई जिसके मोहपाश में लोग आज भी झूम रहे हैं। खुदा ने इनको दौलत, शौहरत, कामयाबी, सुंदरता सब कुछ दिया बस नहीं दी तो केवल जिंदगी।


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