बॉलीवुड एक्टर आर. माधवन के बेटे वेदांत ने 'खेलो इंडिया' में जीते पांच गोल्ड पदक

हिंदी सिनेमा जगत के जाने माने अभिनेता आर. माधवन अपनी प्रोफेनशल लाइफ को लेकर तो खबरों में रहते ही हैं। लेकिन अपनी पर्सनल लाइफ मतलब अपने परिवार और बेटे को लेकर भी लाइमलाइट का हिस्सा बने रहते हैं। दरअसल आर माधवन के बेटे वेदांत हमेशा ही पापा का नाम रोशन करते हैं और साथ ही भारत के नाम भी अपनी जीत दर्ज कराते हैं। हाल ही में एक बार फिर से वेदांत ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 मध्य प्रदेश में पांच स्वर्ण पदक और दो रजत पदक जीते हैं।
एक्टर अपने बेटे की जीत से बेहद खुश है बैसे खुशी की तो बात ही है। इस खुशी को साझा करते हुए आर माधवन ने अपने ट्विटर हैंडल पर जानकारी साझा की। फैंस उन्हें जमकर बधाइयां दे रहे हैं।
With gods grace -Gold in 100m, 200m and 1500m and silver in 400m and 800m . 🙏🙏🙏👍👍 pic.twitter.com/DRAFqgZo9O
— Ranganathan Madhavan (@ActorMadhavan) February 12, 2023
उन्होंने अपने ट्विटर पर पोस्ट साझा किया है। उन्होंने अपने बेटे को लेकर एक दिल छूने वाला नोट लिखा है। उन्होंने लिखा है-fernandes apeksha (6 स्वर्ण, 1 रजत, PB $ रिकॉर्ड) और @VedaantMadhavan (5 स्वर्ण और 2 रजत) के प्रदर्शन से बहुत आभारी और विनम्र हूं। कई प्रयासों के लिए ansadxb और प्रदीप सर का धन्यवाद और शानदार KheloInd In MP के लिए चौहान शिवराज और @ianuragthakurबहुत गर्व है। फॉलो-अप ट्वीट में उन्होंने कहा, भगवान की कृपा से -100 मीटर, 200 मीटर और 1500 मीटर में गोल्ड और 400 मीटर और 800 मीटर में सिल्वर। नोट के साथ माधवन ने वेदांत की तस्वीर भी साझा की है।
जैसे ही अभिनेता ने यह पोस्ट साझा की सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इस इस उपलब्धि के बारे में जानने के बाद बॉलीवुड के तमाम कलाकारों समेत आर माधवन के फैंस ने वेदांत को शुभकामनाएं दीं।
यह पहली बार नहीं है कि वेदांत ने ऐसा कुछ किया है। इससे पहले कोपेनहेगन में डेनिश ओपन तैराकी प्रतियोगिता में, वेदांत ने स्थानीय तैराक अलेक्जेंडर एल ब्योर्न को हराकर पुरुषों की 800 मीटर फ्रीस्टाइल कॉम्पिटिशन में गोल्ड मेडल हासिल किया है। उन्होंने इससे पहले इसी मीट में 1500 मीटर फ्रीस्टाइल में रजत पदक जीता था।वहीं, साल 2021 की मार्च में लातविया ओपन में कांस्य पदक हासिल किया था और बीते साल जूनियर नेशनल एक्वेटिक चैंपियनशिप में सात पदक (चार रजत और तीन कांस्य) हासिल किए थे। तो इस तरह से भारत का और अपने पिता का सर हमेशा ही वेदांत ने गर्व ने उठाया है।


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