'बिग बी' ने ऑस्ट्रेलियाई उपाधि ठुकराई

अमिताभ बच्चन ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हुए हमले के विरोध में वहाँ के एक विश्वविद्यालय की डॉक्ट्रेट की मानद उपाधि लेने से मना कर दिया है. अमिताभ ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हुए 'नस्लभेदी हमलों' के विरोध में ये क़दम उठाने का फ़ैसला किया है.अपने ब्लॉग में उन्होंने इस विषय में चर्चा की है.
उन्होंने शनिवार को लिखे इस ब्लॉग में ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हुए हमलों के बारे में लिखा, "मैंने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हुए हमलों के बारे में पूरे दिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर ख़बरें अफ़सोस और सदमे के साथ देखी हैं."बिग बी ने लिखा है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया, दोनों ही ओर से इस बारे में कूटनीतिक पहल हुई है और ऑस्ट्रेलिया में हुई उन घटनाओं के बाद उन्होंने पाठकों के सामने अपनी बात रखते हुए उनसे मदद भी माँगी है.
अंतरात्मा की आवाज़
मौजूदा हालात में जहाँ मेरे देश के लोगों के साथ इस तरह का अमानवीय बर्ताव हो रहा है, मेरी अंतरात्मा उस देश का सम्मान स्वीकार करने की अनुमति नहीं देती अमिताभ बच्चन
| मौजूदा हालात में जहाँ मेरे देश के लोगों के साथ इस तरह का अमानवीय बर्ताव हो रहा है, मेरी अंतरात्मा उस देश का सम्मान स्वीकार करने की अनुमति नहीं देती |
अमिताभ ने लिखा है कि पिछले हफ़्ते उन्होंने ब्रिस्बेन के क्वींसलैंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की डॉक्ट्रेट की मानद उपाधि स्वीकार की थी.ये उपाधि उन्हें मनोरंजन की दुनिया में उनके योगदान को देखते हुए दी जा रही थी.
उनके अनुसार ये उपाधि उन्हें जुलाई में दी जानी थी मगर उसे स्वीकार करने से इनकार करते हुए अमिताभ लिखते हैं, "उस संस्थान या सम्मान के प्रति मेरा कोई अनादर नहीं है मगर मौजूदा हालात में जहाँ मेरे देश के लोगों के साथ इस तरह का अमानवीय बर्ताव हो रहा है, मेरी अंतरात्मा उस देश का सम्मान स्वीकार करने की अनुमति नहीं देती."
इसके बाद अमिताभ ने पाठकों की राय माँगी है और पूछा है कि उनकी सोच सही है या नहीं. अमिताभ ने इस बारे में ब्लॉग में एक वोट लगाया है. इसके बाद कुछ ही घंटों में आए लगभग 2200 वोट में से 60 प्रतिशत ने उनके फ़ैसले को सही ठहराया है.


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