भीमसेन जोशी भारत रत्न से सम्मानित

पिछले वर्ष नवंबर में भारत सरकार ने पंडित भीमसेन जोशी को 'भारत रत्न' से सम्मानित करने की घोषणा की थी.
जोशी के पुणे स्थित निवास पर एक सादे समारोह में मंगलवार को गृह मंत्रालय के अतिरिक्ति सचिव ने यह सम्मान दिया.
उल्लेखनीय है कि 87 वर्षीय जोशी ने अस्वस्थ होने की वजह से यह इच्छा व्यक्त की थी कि उन्हें यह सम्मान उनके घर पर ही दिया जाए.
भारतीय संगीत के क्षेत्र में इससे पहले एमएस सुब्बालक्ष्मी, उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ान, पंडित रविशंकर और लता मंगेशकर को 'भारत रत्न' से सम्मानित किया जा चुका है.
सात वर्षों के अंतराल के बाद किसी विभूति को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा की गई थी.
भीमसेन जोशी किराना घराने के महत्वपूर्ण गायक हैं. उन्होंने 19 साल की उम्र से गाना शुरू किया था और वो पिछले सात दशकों से शास्त्रीय गायन कर रहे हैं.
संगीत के साधक
शास्त्रीय संगीत के पंडितों का कहना है कि गायन का जो अंदाज़ भीमसेन जोशी के पास है वो समकालीन भारतीय संगीत में बिल्कुल अनूठा है.
उन्हें मुख्य रूप से उनके खयाल शैली और भजन के लिए जाना जाता है.
पंडित जोशी का जन्म कर्नाटक के गडक ज़िले के एक छोटे से शहर में हुआ था. उनके पिता एक स्कूल शिक्षक थे.
पंडित जोशी को वर्ष 1999 में पद्मविभूषण, 1985 में पद्मभूषण और 1972 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था.
उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.


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