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    देश की पहली ऑस्कर विजेता की किताब

    By Neha Nautiyal
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    देश की पहली ऑस्कर पुरस्कार प्राप्त वस्त्र डिजाइनर भानु राजोपाध्याय अथैया की किताब 'द आर्ट ऑफ कॉस्ट्यूम डिजाइन' का राजधानी में लोकार्पण हुआ। इस किताब में अथैया की 50 वर्षो की बॉलीवुड यात्रा का विवरण है। किताब का पहला भाग प्रकाशित हो चुका है जबकि दूसरा भाग साल के अंत तक प्रकाशित होगा। भानु राजोपाध्याय अथैया कहती हैं कि वह भारत और भारतीय वस्त्रों को बहुत गहराई से जानती और समझती हैं।

    फिल्म 'गांधी' के लिए ऑस्कर

    फिल्म 'गांधी' के कपड़े डिजायन करने लिए ऑस्कर से सम्मानित हुईं। भानु अथैया ने सबसे पहले 1951 में अभिनेत्री कामिनी कौशल के लिए वस्त्र डिजाइन किए थे। उन्होंने कहा, "जीनत अमान के साथ मुमताज पर भी पश्चिमी पोशाकें अच्छी लगती थीं। पर फिल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' में मैंने जीनत के लिए जो पोशाक डिजाइन की वह कल्पना पर आधारित पोशाकें थीं और फिल्म की मांग के अनुरूप बनाई गई थीं।"

    हेलेन को कैसे याद करती हैं भानु

    अथैया जब पीछे मुड़कर कई दशकों के भारतीय सितारों के पहनावे पर नजर डालती हैं तो उन्हें अभिनेत्री हेलन की याद आ जाती है। अथैया बताती हैं, "हेलन फुर्तीले पैरों वाली और आकर्षक थीं - वह बिल्कुल ऐसी दिखती थीं जैसे एक चिड़ियाउड़ान भर रही हो। उनके कपड़े बहुत छोटे होते थे लेकिन इन कपड़ों में कभी भी सीमा का उल्लंघन नहीं किया गया। यद्यपि उन्होंने खलनायिका की भूमिकाएं कीं लेकिन वह कभी भी एक बुरी खलनायिका नहीं रहीं। "उन्होंने कहा, "वह ऐसे वस्त्र पहनती थीं जो शरीर पर एकदम कसे रहें। इन परिधानों में वह बहुत छरहरी दिखती थीं। मैंने उनके लिए कई पश्चिमी कैबरे परिधान बनाए थे। 'ओ हसीना जुल्फों वाली' गीत में उन्होंने जो स्पेनी पोशाक पहनी थी वह मेरी पसंदीदा थी।"

    अथैया ने नर्गिस, राज कपूर, वैजंतीमाला, पद्मिनी, माला सिन्हा, गुरु दत्त, वहीदा रहमान, मीना कुमारी, रेखा, डिम्पल कपाड़िया, मंदाकिनी, धर्मेद्र और सुनील दत्त जैसे कलाकारों के लिए वस्त्र डिजाइन किए हैं।

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