ठाकरे ने 'लवबर्ड' देवानंद को फरिश्ता बताया

सामना के जरिये हमेशा जहर उगलने वाले बाल ठाकरे साहब ने बड़े ही भावुक अंदाज में लिखा है कि जिंदगी जीने का सबक हर किसी को देव साहब से सीखना चाहिए। उनकी जिंदादिली का जवाब नहीं। यकीन नहीं होता कि उनके जैसा मस्त-मौला इंसान आज हमारे बीच से चला गया है। वो तो एक फरिश्ता थे।
ठाकरे ने लिखा हैं कि आज उन्हें देव साहब से अपनी पहली मुलाकात याद आ रही है। साल 1945 की बात है जब वो नये कलाकारों की तरह अपने पांव फिल्मों में जमा रहे थे और ठाकरे साहब एक पत्रकार के रूप में काम कर रहे थे। वो दोनों अक्सर काम से फुरसत निकाल कर साथ बैठा करते थे।
ठाकरे ने आगे लिखा है कि वह हमेशा तेज चलते थे और जल्दी-जल्दी बोलते थे, उनमें सब कुछ बहुत तेज था। उनकी जिंदगी में न अल्पविराम था और न पूर्णविराम। उनका दिल साफ था। वो स्पष्ट वक्ता थे, जिसने कभी थकना नहीं सीखा था। उन्होंने कहा, मैं अपनी, उद्धव ठाकरे की ओर से और सभी शिव सैनिकों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि देता हूंष ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले।


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