दर्शकों को नहीं भायी 'बजाते रहो'
मुंबई। कल शुक्रवार के दिन रिलीज हुई फिल्म 'बजाते रहो' को ज्यादा अच्छी ओपनिंग नहीं मिल सकी। फिल्म में चर्चित चेहरों के रूप में तुषार कपूर और रवि किशन ही थे। यह फिल्म सुस्त है, हालांकि अच्छे कलाकारों की बदौलत फिल्म हास्य उत्पन्न करती है।
फिल्म की कहानी एक महिला मम्मी जी (डॉली अहलूवालिया) की है जो कि अपने पति की मौत का बदला लेना चाहती है। जिसमें वह कुछ बदमाशों को भी अपने प्लान का हिस्सा बना लेती है। किरदारों का भोलापन और उनकी कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को प्रभावित करती है, पर फिल्म दर्शकों पर कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाती है। फिल्म में तुषार कपूर ने ऐसे लड़के का रोल किया है जो कि अपने काम में उसूलों को महत्व देता है। फिल्म का अंत मेलोड्रामेटिक है।
कम मौके मिलने के बावजूद रणवीर शौरी और विनय पाठक ने बेहतर अभिनय किया है। वहीं पंजाबी महिला के किरदार में डॉली अहलूवालिया ने प्रभावित किया है। उनके अभिनय ने फिल्म को बिखरने से बचा लिया। हालिया कॉमेडी फिल्मों में आप इसे एक ठीकठाक फिल्म कह सकते हैं।
फिल्म में भीड़ खींचने वाले सितारों की कमी थी जिससे कि फिल्म को अच्छी ओपनिंग नहीं मिल सकी। वहीं दर्शकों ने भी कोई रूचि नहीं दिखाई।


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