बाबा सिद्दिकी से पहले इस स्टार की मंदिर में गोलियों से भूनकर की गई थी हत्या, शूटर्स ने फोन पर सुनाई थी चीखें

Gulshan Kumar Murder: पूरा देश इस वक्त महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता बाबा सिद्दीकी की दशहरा पर हुई हत्या से हिला हुआ है। बाबा सिद्दिकी को बंद्रा स्थित उनके बेटे के ऑफिस के बाहर शूटर्स ने गोलियों से भूनकर मार डाला है। आज हम आपको मुंबई में इससे पहले हुई एक ऐसी ही घटना के बारे में बताने जा रहे हैं। ये मर्डर स्टोरी है टी-सीरिज कंपनी के निर्माता गुलशन कुमार की।
80-90 के दशक में घर-घर में बजने वाले धार्मिक गानों का गायक चाहे कोई भी हो लेकिन उनकी पहचान टी-सीरिज कंपनी के निर्माता गुलशन कुमार के नाम से हुआ करती थी। छोटी सी जूस की दुकान से लेकर टी सीरीज को कामयाबी के शिखर तक पहुंचाने तक का उनका ये सफर बहुत से लोगों की आंखों में भी चुभने लगा था। ऐसे में उनकी हत्या भी कलेजा कंपा देने वाली थी।
पंजाबी परिवार में जन्मे गुलशन कुमार के पिता दिल्ली के दरियागंज बाजार में फ्रूट जूस बेचा करते थे। गुलशन कुमार जब 23 साल के थे तब उन्होंने अपने परिवार की मदद से एक दुकान ली और वहां से सस्ते ऑडियो कैसेट बेचने का काम शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपना खुद का काम करने का फैसला किया और दिल्ली में ही कैसेट्स की दुकान खोली। गुलशन कुमार ने कड़ी मेहनत से कुछ साल में ही अपनी कंपनी को देश की सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनी बना दिया। जानिए फिर कैसे हुई उनकी हत्या...
अगस्त 1997 में गुलशन कुमार की अंधेरी इलाके में उस वक्त हत्या कर दी गई थी जब वो मंदिर से घर लौट रहे थे। शूटर्स ने गुलशन कुमार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर बेरहमी से बीच सड़क हत्या कर दी थी। दरअसल अपनी कड़ी मेहनत के बल पर टी सीरीज को कामयाबी की बुलंदी तक पहुंचाने वाले गुलशन कुमार पर अंडरवर्ल्ड की नजर थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार रंगदारी नहीं देने पर डॉन अबू सलेम के शूटर्स ने गुलशन कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इंडस्ट्री के बाकी लोगों में खौफ पैदा करने के लिए शूटर्स ने गुलशन कुमार पर 16 राउंड फायरिंग की थी।
अबू सलेम पर लिखी गई एक किताब में इस घटना को लेकर भी जिक्र है। दरअसल जब शूटर्स ने इस वारदात को अंजाम दिया था तो उन्होंने अबू सलेम को मौके से फोन किया था। करीब दस मिनट तक अबू सलेम फोन पर वारदात पर हो रही फायरिंग और गुलशन कुमार की चीखों को सुनता रहा।
दऱअसल अबू सलेम की तरफ से गुलशन कुमार से दस करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। जिसे लेकर गुलशन कुमार ने इनकार करते हुए डॉन को झिड़क दिया और कहा कि इतने पैसे से मैं वैष्णो देवी में भंडारा करवा दूंगा। गुलशन कुमार मां वैष्णो के बड़े भक्त थे। आज भी माता के धाम में गुलशन कुमार के परिवार की तरफ से भंडारा चलता है।


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