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    झूठा है बाहुबली 2 का ये बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड, इस हिंदी फिल्म ने सालों पहले तोड़ा

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    बाहुबली 2 आज अपनी सफलता के 3 साल पूरे कर चुकी है। फिल्म ने वर्ल्डवाइड ही नहीं, हिंदी दर्शकों का भी ऐसा दिल जीता कि ये हिंदी में भी सबसे ज़्यादा कमाने वाली फिल्म बनी। फिल्म ने 512 करोड़ की कमाई हिंदी में की।

    और तब से ये रिकॉर्ड कायम हो गया जो फिल्मों के लिए तोड़ना मुश्किल है। लेकिन देखा जाए तो आज के दौर में अमिताभ बच्चन की एक पुरानी फिल्म अमर अकबर एंथनी ये रिकॉर्ड तोड़ देती।

    काफी समय पहले अमिताभ बच्चन ने अपने ट्विटर पर ये आंकड़े शेयर करते हुए बताया था कि अगर अमर अकबर एंथनी आज रिलीज़ होती तो कमाई के लिहाज़ से बाहुबली 2 को पीछे छोड़ देती।

    दरअसल, अमर अकबर एंथनी, 1977 में रिलीज़ हुई थी और फिल्म ने 7.25 करोड़ कमाए थे। उस समय एक टिकट का दाम लगभग 2 रूपया होता था। और लगभग 36 लाख लोगों ने ये फिल्म देखी थी।

    अगर आज के टिकट का एवरेज दाम 150 रूपया भी माना जाए तो अमर अकबर एंथनी ने आज कम से कम 538 - 543 करोड़ तक की कमाई की होती तो कि ज़ाहिर सी बात है बाहुबली से ज़्यादा है।

    वैसे बाहुबली ने बॉलीवुड के कई मिथक तोड़े थे और कई सीख दी थी। आप भी इन पर एक नज़र डालकर यादें ताज़ा कर लीजिए -

    आईपीएल सीज़न होता है ठंडा

    आईपीएल सीज़न होता है ठंडा

    माना जाता है कि आपीएल सीज़न ठंडा होता है। इस दौरान लोग केवल मैच देखते हैं, फिल्में नहीं। बाहुबली 2 ने साबित किया कि लोग फिल्में भी देखते हैं और ताबड़तोड़ देखते हैं, बशर्ते फिल्में देखने लायक हों तो।

    फेस्टिवल के बिना रिलीज़

    फेस्टिवल के बिना रिलीज़

    सलमान खान की ईद और शाहरूख खान की दीवाली। आमिर खान का क्रिसमस औऱ जो बचे वो अक्षय कुमार - ऋतिक रोशन का। इन सब चक्कर में पड़कर फिल्में नहीं कमाती हैं, ये बाहुबली ने दिखा दिया।

    स्टारडम से कमाती हैं फिल्में

    स्टारडम से कमाती हैं फिल्में

    फिल्म में जब तक कोई बड़ा स्टार नहीं होगा तब तक फिल्म नहीं कमाएगी ऐसा नहीं होता है। बाहुबली में तमन्ना छोड़कर किसी को लोग नहीं जानते थे। बल्कि राजामौली भी चाहते थे कि फिल्म में पहचाने हुए चेहरे हों जैसे ऋतिक रोशन - जॉन अब्राहम पर ऐसा नहीं हो पाया और शायद अच्छा ही हुआ।

    प्रमोशन के बिना भी होता है गुज़ारा

    प्रमोशन के बिना भी होता है गुज़ारा

    शाहरूख खान रेल से रईस का प्रमोशन कर रहे थे तो अभिषेक बच्चन एक ही दिन में 10 शहर जाकर अपनी फिल्में प्रमोट किए। इतने ज़्यादा प्रमोशन से कुछ नहीं होता है। बिना प्रमोशन भी फिल्में चल जाती हैं, अगर ढंग से प्लान बनाया जाए तो!

    कंटेंट होता है बॉक्स ऑफिस का बाप

    कंटेंट होता है बॉक्स ऑफिस का बाप

    केवल एक स्टार लेकर, गाने डालकर, एक आईटम नंबर और थोड़ा सा रोमांस ही फिल्म के लिए काफी नहीं होता है। फिल्म को कंटेंट चाहिए तब जाकर वो बॉक्स ऑफिस पर टिकती है।

    आईटम के बिना नहीं होती हिट

    आईटम के बिना नहीं होती हिट

    बिना आईटम सॉन्ग के भी फिल्म हिट होती है। ये तो बॉलीवुड ज़रूर सीख ले। वैसे राबता में भी दीपिका का आईटम है। देखते हैं फिल्म कितनी हिट होती है।

    स्क्रीन से नहीं दर्शकों से होती है कमाई

    स्क्रीन से नहीं दर्शकों से होती है कमाई

    हर बार, हर स्टार अपनी रिलीज़ की स्क्रीन बढ़ाता जाता है। जैसे अगर बजरंगी 4000 स्क्रीन पर रिलीज़ हुई तो सुलतान 5000। लेकिन इससे कुछ नहीं होता, सुलतान की Occupancy 3 दिन तक भी बाहुबली के बराबर नहीं थी। वहीं बाहुबली 7 दिन तक 80 प्रतिशत दर्शकों के साथ टिकी थी।

    उम्र से नहीं बनता हीरो

    उम्र से नहीं बनता हीरो

    हीरो और रोमांस उम्र देखकर किया जाना चाहिए। वरना कितना भी सुपरस्टार हो, दर्शक उसे नकार ही देंगे।

    फटाफट नहीं बन जाती हैं फिल्में

    फटाफट नहीं बन जाती हैं फिल्में

    बाहुबली 5 साल में बनी। यहां प्रेम रतन धन पायो का शे़ड्यूल ज़रा सा खिंचा था कि आफत हो गई थी। हमारे यहां 40 दिन में फिल्म निपटा देने की परंपरा है। क्योंकि कई स्टार्स की फीस भी हर दिन के हिसाब से होती है।

     जो टिकता है वो बिकता है

    जो टिकता है वो बिकता है

    जो बॉक्स ऑफिस पर 10 दिन तक टिका रहा वही बिकता है। यहां पर उल्टा होता है, शुरू के तीन दिन फिल्म ने जितना कमा लिया वही फिल्म की जमा पूंजी होती है।

     क्लास वाली फिल्में

    क्लास वाली फिल्में

    कुछ फिल्में एक क्लास के लिए होती हैं। ऐसा कुछ नहीं होता है। अच्छी फिल्में हर दर्शक देखना चाहता है।

    तीन दिन में 100 करोड़

    तीन दिन में 100 करोड़

    अगर फिल्म ने तीन दिन में 100 करोड़ कमा लिया तो वो ब्लॉकबस्टर है। यहां बाहुबली ने चार दिन तक लगातार 100 करोड़ कमाया।

    डायरेक्टर वो ही जो हीरो मन भाए

    डायरेक्टर वो ही जो हीरो मन भाए

    हमारे यहां एक्टर अपना डायरेक्टर ढूंढ लेता है। जैसे कि सलमान ने टाईगर सीक्वल के लिए अपने सुलतान डायरेक्टर को फाइनल कर लिया। जबकि एक था टाईगर कबीर खान की कहानी है जो दिमाग से काफी सक्षम है और जो मानते हैं कि सीक्वल ऐसे हवा में नहीं बन जाते।

    एक फिल्म का हौव्वा

    एक फिल्म का हौव्वा

    किसी फिल्म का इतना हौव्वा नहीं बनाना चाहिए कि उसकी हवा निकल जाए। जैसे कि हीरो रीमेक को सलमान ने प्रमोट कर कर के फिल्म की जान निकाल दी।

     सीक्वल मतलब सीक्वल

    सीक्वल मतलब सीक्वल

    भईया सीधी बात। सीक्वल मतलब सीक्वल होता है औऱ वो कायदे से, प्लान बनाने के बाद ही बनाया जाता है।

    English summary
    Baahubali 2 is considered as the highest hindi grosser with 512 crores but Amitabh Bachchan’s film has already broken that record considering adjustments.
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