पूनम पांडे बनी दिल्ली की लव कुश रामलीला की मंदोदरी, भड़के साधु-संत बोले- अश्लील महिला स्वीकार नहीं

Poonam Pandey Mandodari In Delhi Love Kush Ramleela: रामलीला अभी शुरू भी नहीं हुई और विवाद खड़ा हो गया है। ये मामला जुड़ा है दिल्ली में होने वाली रामलीला से। दरअसल, 21 सितंबर से नवरात्रि और रामलीला का आगाज हो रहा है। ऐसे में अभिनेत्री पूनम पांडे का नाम मंदोदरी के किरदार के लिए सामने आया। पूनम पांडे का नाम सुनते ही अयोध्या के साधु संत आग बबूला हो गए हैं। इसी को लेकर विवाद पनप उठा है।
अश्लील वीडियो और स्ट्रीप जैसे उटपटांग दावों को लेकर सुर्खियों में रहने वाली पूनम पांडे का नाम जब धार्मिक ग्रंथ से जुड़ी झांकी रामलीला से जुड़ा तो ये साधुओं को कतई बर्दाश्त नहीं हुआ। संत दिवाकराचार्य जी महाराज का मानना है कि महारानी मंदोदरी रावण की पत्नी थी और उनके सती व्रत और पति व्रत में कभी कोई आंच नहीं आई।
साधु संतो के रिएक्शन
संत दिवाकराचार्य जी महाराज ने आगे कहा, 'मैं नहीं लेना चाहता उनका नाम भी ऐसे लोगों के द्वारा की गई रामलीला को देखना हिंदू समाज स्वीकार नहीं करेगा। ऐसे मंचो को करना चाहिए हम सभी लोगों को विरोध चाहिए करना। यह कोई राम लीला नही खड्यंत्र है हिंदू धर्म और हमारी सनातन के खिलाफ।
वहीं पूनम पांडे के रामलीला में परफॉर्म करने के विरोध में हनुमानगढ़ी के संत डॉ देवेशचार्य भी आए। उन्होंने कहा कि अश्लील महिला के द्वारा लव कुश की रामलीला में मंदोदरी का अभिनय करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। रामलीला हमारे समाज में बहुत ही महत्वपूर्ण है। चित्र से चरित्र का निर्माण होता है। रामलीला का सनातन धर्म और हिंदू धर्म में बहुत ही महत्व है। सामाजिक समरसता में रामलीला का अहम योगदान है।
उन्होंने पूनम पांडे को अशिष्ट महिला तक कहा। संतों ने लव कुश रामलीला कमेटी से निवेदन किया कि वह तत्काल पूनम पांडे को रामलीला से बाहर करें। नही तो रामलीला का विरोध लव कुश रामलीला कमेटी को भी झेलना पड़ सकता है।


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