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    77 के मनोज कुमार..आज भी कहते हैं. भारत का रहने वाला हूं...

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    आज बॉलीवुड के मि. भारत कुमार यानी कि मनोज कुमार का आज जन्मदिन है। आज वह अपने जीवन के 77 वें बसंत को पार कर गये हैं। भले ही उम्र का नंबर आज उन्हें बुजुर्गों की श्रेणी में ले आया है लेकिन आज भी वो काफी एक्टिव हैं।

    मनोज कुमार का जन्म 24 जुलाई 1937 को मौजूदा पाकिस्तान के अबोटाबाद में हुआ था। उनका असली नाम हरिकिशन गिरि गोस्वामी है। देश के बंटवारे के बाद उनका परिवार राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में बस गया था। हमारी टीम की ओर से भी मनोज कुमार को उनके जन्म दिन की बहुत बधाई।

    <strong>देश के नेताओं में कोई भी आदर्श नेता नहीं है : मनोज कुमार</strong>देश के नेताओं में कोई भी आदर्श नेता नहीं है : मनोज कुमार

    मनोज कुमार वैसे तो हर बड़े इवेंट और फिल्मी समारोह में दिखायी पड़ते हैं लेकिन पिछले दिनों उनका नाम सुर्खियों में सिर्फ इसलिए रहा क्योंकि उन्होंने अभिनेता शाहरूख खान पर करोड़ो रूपये का मानहानि का दावा किया था। जिसको लेकर काफी बवाल मचा था।

    मनोज कुमार ने आरोप लगाया था कि शाहरूख की हिट फिल्म ओम शांति ओम में उनका मजाक उड़ाया था। जिस पर आपत्ति जताने के बाद भी उस सीन को हटाया नहीं गया था। जिस पर शाहरूख ने कहा कि मैंने माफी मांगते हुए उस सीन को हटा दिया था लेकिन उन्हें गलतफहमी हो गयी है, इसलिए अब मैं भी केस लड़ूंगा।

    आईये तस्वीरों के जरिये जानते हैं भारत के महान कलाकार मनोज कुमार के बारे में जिन्हें दुनिया भारत कुमार कहती है

    असली नाम हरिकिशन गिरि गोस्वामी

    असली नाम हरिकिशन गिरि गोस्वामी

    जुलाई 1937 को मौजूदा पाकिस्तान के अबोटाबाद में हुआ था। उनका असली नाम हरिकिशन गिरि गोस्वामी है। देश के बंटवारे के बाद उनका परिवार राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में बस गया था। हमारी टीम की ओर से भी मनोज कुमार को उनके जन्म दिन की बहुत बधाई।

    पहली फिल्म फैशन

    पहली फिल्म फैशन

    मनोज कुमार ने वर्ष 1957 में बनी फिल्म फैशन के जरिए बड़े पर्दे पर कदम रखा। उनकी पहली हिट फिल्म हरियाली और रास्ता (1962) थी। उन्होंने वो कौन थी, हिमालय की गोद में, गुमनाम, दो बदन, पत्थर के सनम, यादगार, शोर, सन्यासी, दस नम्बरी और क्लर्क जैसी अच्छी फिल्मों में काम किया। उनकी आखिरी फिल्म मैदान ए जंग (1995) थी।

    सर्वश्रेष्ठ कहानीकार का राष्ट्रीय पुरस्कार

    सर्वश्रेष्ठ कहानीकार का राष्ट्रीय पुरस्कार

    उनके अभनिय में इतना दम था कि लोगों को लगता था कि पर्दे पर कोई सच में भारत माता का सपूत खड़ा है जिसके लिए अपने देश से बढ़कर कुछ नहीं है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी मनोज कुमार को अपनी फिल्म शहीद के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानीकार का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया था। मनोज ने अपने कॅरियर में शहीद, उपकार, पूरब और पश्चिम और क्रांति जैसी देशभक्ति पर आधारित अनेक बेजोड़ फिल्मों में काम किया।

    र्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ कथा और सर्वश्रेष्ठ संवाद

    र्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ कथा और सर्वश्रेष्ठ संवाद

    शहीद के दो साल बाद उन्होंने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म उपकार का निर्माण किया। उसमें मनोज ने भारत नाम के किसान युवक का किरदार निभाया था, इस फिल्म में बदलते भरत की तस्वीर थी जिसे जिसने देख बस उन्ही का होकर रह गया। उपकार को सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ कथा और सर्वश्रेष्ठ संवाद श्रेणी में फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था।फिल्म को द्वितीय सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार तथा सर्वश्रेष्ठ संवाद का बीएफजेए अवार्ड भी दिया गया।

    पद्मश्री पुरस्कार

    पद्मश्री पुरस्कार

    मनोज कुमार को वर्ष 1972 में फिल्म बेईमान के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और वर्ष 1975 में रोटी कपड़ा और मकान के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का फिल्मफेयर अवार्ड दिया गया था। बाद में वर्ष 1992 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया।

    English summary
    Manoj Kumar known for his patriotic films is one of the finest actors Bollywood has ever produced.He may be known as ‘Bharat Kumar’but the actor was born in Pakistan on July 24 in 1937.
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