आशा भोसले का 75वां जन्मदिन

50 सालों से भी ज़्यादा समय से आशा भोसले न जाने कितने गीतों को अपनी आवाज़ से सजाया है. जन्मदिन के मौक़े पर आशा भोसले ने अपने परिवार के साथ वक़्त बिताया और अपने प्रशंसकों से भी मिलीं.
इस मौके पर उनका नया एलबम 'प्रेशस प्लेटिनम' भी लॉन्च किया गया है. आशा ने गायिकी के अपने सफ़र में मधुबाला जैसी अभिनेत्रियों से लेकर काजोल तक सबके लिए गाने गाए हैं.
सम्मान
कुछ प्रमुख गाने आइए मेहरबां पिया तू अब तो आजा इन आँखों की मस्ती के मेरा कुछ सामान ओ रे रंगीला ज़रा सा झूम लूँ
आश भोसले का जन्म 1933 में हुआ. जिस समय आशा भोसले ने फ़िल्म उद्योग में क़दम रखा, उस वक़्त शमशाद बेग़म, गीता दत्त और लता मंगेशकर का बोलबाला था. लेकिन अपनी लगन और हुनर के बल पर आशा ने धीरे-धीरे कर गायन के क्षेत्र में जगह बनाई.
अब तक वे 12 हज़ार से ज़्यादा हिंदी और मराठी गाने गा चुकी हैं. इस दौरान उन्होंने ओपी नैय्यर, शंकर जयकिशन, आरडी बर्मन, एसडी बर्मन और ख़य्याम से लेकर एआर रहमान जैसे संगीतकारों के साथ काम किया.
मधुबाला के लिए उन्होंने आइए मेहरबां गाया तो हेलन के लिए पिया तू अब तो आजा. उमराव जान में उन्होंने रेखा के लिए आवाज़ दी तो रंगीला में उन्होंने उर्मिला के लिए गाया.
1981 में उमराव जान ( दिल चीज़ क्या है) के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला तो 1986 में फ़िल्म इजाज़त के लिए ( मेरा कुछ सामान)
इसके अलावा वे कई बार फ़िल्मफे़यर अवॉर्ड भी जीत चुकी हैं जिसमें पर्दे में रहने दो, दम मारो दम और ये मेरा दिल जैसे गीत शामिल हैं.
आशा भोंसले ने अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ भी कुछ गीत गाए हैं जिसमें ऐ काश किसी दीवाने को (आए दिन बहार के), मेरे महबूब में क्या नहीं ( मेरे महबूब) जैसे गाने शामिल है.
उन्हें इस साल पदम विभूषण से भी सम्मानित किया गया था.


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