स्टार की औलाद हूं इस वजह से करनी पड़ी बैल जैसी मेहनत: टाइगर श्रॉफ
अपनी और अपनी फिल्म के बारे में बात करते हुए टाइगर ने कहा कि वो एक 'स्टार की औलाद' हैं सिर्फ इस बात की वजह से मुझे बैल की तरह दोगुनी मेहनत करनी पड़ी। टाइगर की पहली फिल्म 'हीरोपंती' है, जिसके लिए उन्होंने एक सुगठित शरीर पाने और स्टंट सीखने के लिए दो वर्षो तक जी-तोड़ मेहनत की।
कहा जा रहा है कि टाइगर शुरुआत में हिदी फिल्मोद्योग में कदम रखने को लेकर उधेड़बुन में थे। उन्हें अपने पिता से तुलना होने का डर सता रहा था। लेकिन अच्छी तैयारी और आत्मविश्वास ने उनकी मदद की।
हालांकि, टाइगर को यह कहते हुए जरा झिझक नहीं होती कि वह आश्वस्त नहीं हैं कि कभी अपने पिता जैकी श्रॉफ के जितने सफल हो पाएंगे या नहीं। जैकी ने 1980 और 1990 के दशक की शुरुआत में हीरो , 'कर्मा', 'राम लखन', 'परिंदा' और 'खलनायक' , अग्निसाक्षी , देवदा जैसी सरीखी सफल फिल्में दी थीं।
अपने पिता के विषय में टाइगर ने कहा, "उनके व्यक्तित्व में एक बड़ी हस्ती जैसी सहजता और सरलता है और मैं उनके बिल्कुल विपरीत हूं। मैं बहुत शर्मिला और मेरे पिता एकदम बिंदास हैं। हम बिल्कुल विपरीत हैं। वह कहते हैं कि उनके पिता उनके करियर में दखल नहीं देते। उनका कहना है कि यह पिता की साख ही है, जिसने उन्हें इतनी इज्जत दिलाई।
टाइगर ने कहा, "मैंने दो वर्षो तक जी-तोड़ मेहनत की और अपने पिता के नाम का सहारा न लेने की कोशिश की। मैं खुद की पहचान बनाना और उन्हें गौरवान्वित महसूस कराना चाहता था।" शब्बीर खान निर्देशित 'हीरोपंती' अभिनेत्री कृति सेनन की भी पहली फिल्म है।


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