आर्यन खान को ड्रग्स केस में ज़मानत के बावजूद शनिवार तक जेल में ही रहना पड़ेगा, केवल इस कारण से
शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग्स केस में बॉम्बे हाईकोर्ट से ज़मानत मिल चुकी है। लेकिन आर्यन खान के वकील, मुकुल रोहतगी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि भले ही आर्यन खान को ज़मानत मिल चुकी है लेकिन अभी आर्यन खान को केवल आज की रात ही नहीं बल्कि शुक्रवार और शनिवार का दिन भी आर्थर रोड जेल में ही बिताना पड़ सकता है।
दरअसल, आर्यन खान की ज़मानत याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुना दिया है लेकिन ये केवल मौखिक है। कोर्ट जब तक ये फैसला लिखित में नहीं पास कर देती है तब तक आर्यन को जेल में ही रहना पड़ेगा। आर्यन खान की ज़मानत याचिका की सुनवाई में ही तीन दिन लग गए।

ऐसे में अगर इतना ही समय उनकी ज़मानत याचिका के फैसले को कागज़ पर उतारने में लगा तो आर्यन को शनिवार तक जेल में रहना पड़ सकता है। यानि कि आर्यन खान पिता शाहरूख खान के जन्मदिन से एक दिन पहले अपने घर मन्नत में वापसी कर पाएंगे। आर्यन खान के लिए बीता एक महीना बहुत ही मुश्किल रहा है। वहीं उनके माता - पिता शाहरूख खान और गौरी खान भी इस कारण बेहद तनाव से गुज़रे हैं।

आर्यन खान 2 अक्टूबर से हिरासत में
आर्यन खान 2 अक्टूबर से हिरासत में थे और 3 अक्टूबर को उन्हें ड्रग्स केस में NCB ने गिरफ्तार किया। इसके बाद से आर्यन खान 3 - 7 अक्टूबर तक NCB की कस्टडी में लॉकअप में थे और इसके बाद 8 अक्टूबर को उन्हें न्यायिक हिरासत में आर्थर रोड जेल भेजा गया। यहां वो 14 अक्टूबर तक क्वारंटीन सेल में थे। 14 अक्टूबर को आर्यन खान की ज़मानत याचिका पर फैसला 20 अक्टूबर तक सुरक्षित कर दिया गया था जिसके बाद उन्हें जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

21 दिन से आर्थर रोड जेल में आर्यन
आर्यन खान 6 दिन NCB की कस्टडी में रहने के बाद 21 दिन से जेल में हैं। इस दौरान, NCB की कस्टडी के समय, उनके खाने पीने का पूरा ध्यान रखा गया और उन्हें पास के ही ढाबे से ढंग का खाना खिलाया गया। NCB की कस्टडी में आर्यन खान ने अपने पढ़ने के लिए साईंस की किताबें मांगी थीं और उन्हें वो भी मुहैया कराई गई। NCB ने कस्टडी में आर्यन का ख्याल भले ही रखा हो लेकिन लगातार उन्होंने आर्यन की ज़मानत का विरोध किया।

नहीं मानी गई थी कोई भी दलील
NCB की कस्टडी से जब आर्यन खान को 7 अक्टूबर को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया तो उनके वकील सतीश मानेशिंदे ने तुरंत उनकी अंतरिम ज़मानत की अपील की। उन्होेंने अपनी अपील में कहा कि उनका क्लाईंट आर्यन खान एक इज़्जतदार परिवार से ताल्लुक रखता है और बिल्कुल भी भागने की कोशिश नहीं कर सकता। वो जांच में पूरा सहयोग देगा लेकिन केवल उनके वॉट्सएप चैट के आधार पर उन्हें जेल में रखना अनुचित है।

बार बार खारिज हुई ज़मानत याचिका
आर्यन की अंतरिम ज़मानत याचिका खारिज होने के बाद 8 अक्टूबर को उनकी जम़ानत याचिका भी खारिज कर दी गई जिसके बाद उन्हें आर्थर रोड के क्वारंटीन जेल में रखा गया। इस दौरान, आर्यन खान ने भूख ना होने का बहाना देते हुए खाना ना खाने का निर्णय लिया और केवल बिस्किट खाकर अपने दिन निकालने की कोशिश। हर दूसरे दिन उनकी ज़मानत याचिका को कोर्ट ने खारिज किया।

आर्यन खान के बेहद मुश्किल दिन
जेल में जब तक आर्यन क्वारंटीन सेल में थे तब तक उनके पास थोड़ी राहत थी। लेकिन जनरल वार्ड में शिफ्ट करने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गईं। जिस वार्ड में आर्यन खान हैं वहां 200 से ऊपर कैदी एक ही हॉल में रह रहे हैं। सुबह 7 - 10 के बीच उन्हें नाश्ता दिया जाता है और एक तालाब में सभी को खुले में ही नहाना पड़ता है। आर्यन के लिए थोड़ी राहत तब हो सकती है जब दिन में डेढ़ घंटे टीवी और आधा घंटा टहलने का समय दिया जाता है। इसके अलावा कैदी FM रेडियो सुन सकते हैं।

जेल में यूं बिताए हैं दिन
पिछली बार 20 अक्टूबर को अपनी ज़मानत याचिका के खारिज होने की खबर सुनते ही वो रो पड़े थे। सूत्रों की मानें तो आर्यन खान को जेल में किताबें पढ़ने की सलाह दी गई थी जिसके बाद आर्यन ने जेल से दो किताबें इश्यू करवाईं। इनमें से एक किताब में भगवान राम और सीता मां की कहानियां हैं। और दूसरी किताब का नाम है गोल्डन लायन।


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