ओह माय गॉड 2: अक्षय कुमार के कृष्ण का साथ देंगे राम के किरदार में अरूण गोविल
अक्षय कुमार - पंकज त्रिपाठी - यामी गौतम स्टारर ओह माय गॉड 2 की शूटिंग 23 अक्टूबर से उज्जैन में शुरू होनी है। अब खबर है कि फिल्म में अक्षय कुमार के किरदार भगवान श्री कृष्ण का साथ देंगे रामायण के राम अरूण गोविल। इस फिल्म में अरूण गोविल अपने सबसे लोकप्रिय किरदार राम की भूमिका दोहराने जा रहे हैं और ये आईडिया अक्षय कुमार ने ही दिया जो फिल्म के प्रोड्यूसर अश्विनी वर्दे को काफी पसंद आया।
अरूण गोविल देश के सबसे लोकप्रिय सीरियल रामायण के मुख्य किरदार राम बनकर सालों से दर्शकों के दिल पर राज कर रहे हैं। आज तक फैन्स उनके पांव छूते हैं और सच में उन्हें भगवान राम ही मानते हैं। जबकि उन्हें राम का किरदार निभाए हुए 33 साल हो चुके हैं। वो आज भी नहीं समझ पाते कि लोग उन्हें इतना प्यार कैसे करते हैं। बस हर किसी का दिल से शुक्रिया अदा करते हैं।

ओह माय गॉड, अक्षय कुमार और परेश रावल की फिल्म थी जहां अक्षय कुमार श्री कृष्ण के किरदार में थे और परेश रावल की मदद करते नज़र आते हैं जो धर्म से जुड़े ढोंग और पाखंड पर प्रहार करते हैं। ओह माय गॉड 2 में अक्षय कुमार, पंकज त्रिपाठी के साथ मिलकर शिक्षा व्यवस्था पर प्रहार करेंगे। अरूण गोविल ने अपनी ज़िंदगी में कई बड़े रोल रिजेक्ट किए हैं। राम के किरदार की वजह से उनसे फिल्में छूट गई थीं और उन्हें लगा कि उनका पूरा करियर एक जगह आकर रूक गया था।

अरूण गोविल की फिल्मी फिलॉसफी
अरूण गोविल का मानना है कि ज़िंदगी में आप कुछ पाते हैं और कुछ खो देते हैं। और आपको कई बार चुनना पड़ता है। अच्छा या ज़्यादा अच्छा, बुरा या ज़्यादा बुरा। कभी आपका चुनाव आपके लिए अच्छा होगा तो कभी बुरा। आपको हमेशा सोचना चाहिए कि हमारे हाथ से क्या चला गया और अब हमारे पास हमें क्या मिला। यही कारण है कि कई फिल्मों में हीरो की भूमिका निभा चुके अरूण गोविल ने अपने लिए एक अलग रास्ता चुना और रामायण के ऑडीशन के लिए पहुंच गए।

अच्छे किरदार को भी किया था रिजेक्ट
अरूण गोविल को एक बहुत बड़े रोल के लिए रिजेक्ट कर दिया गया था। ये रोल खुद भगवान श्रीराम का था। दरअसल, कम ही लोगों को पता है कि अरूण गोविल जब पहली बार भगवान राम के रोल के लिए गए तो रिजेक्ट हो गए थे। लेकिन बाद में उन्हें ये किरदार मिल गया। और इसके बाद जो हुआ वो तो आज तक इतिहास के पन्नों में दर्ज है।

रामायण ने जो किया वो कोई नहीं कर सकता
अरूण गोविल ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी राम की इमेज बहुत ही ज़्यादा सशक्त थी। इसके कारण उनका बॉलीवुड करियर खत्म हो गया लेकिन उन्हें इतना प्यार और सम्मान मिला जितना वो कभी सोच भी नहीं सकते थे। शुरू में उन्हें काफी खराब लगा क्योंकि बॉलीवुड फिल्में छोड़ देना बहुत बड़ी बात थी। लेकिन रामायण में राम के किरदार ने उन्हें जो दिया वो 100 बॉलीवुड फिल्में भी नहीं कर सकती थीं।

काफी समय से फिल्मों से हैं दूर
अरूण गोविल काफी समये से फिल्मों और टीवी से दूर हैं। उनकी मानें तो आज के धारावाहिकों को कंटेंट के चक्कर में इतना लचर बना दिया गया है कि उनसे कुछ सीखने को नहीं मिल सकता। रामायण का हर किरदार आपको कुछ ना कुछ सिखाता था। चाहे वो विभीषण हो, मेघनाद हो या फिर खुद रावण। उस ज़माने में वो बिना एसी के शूट करते थे। हमारे कॉस्ट्यूम पीतल के बने होते थे और इतने भारी होते थे कि कई बार हमें चोटें लग जाती थी। लेकिन अब ये देखकर सुकून मिलता है कि इतने कष्टों का नतीजा इतना शानदार था।

फिल्म में बने थे लक्ष्मण
अरूण गोविल को आज तक रामायण के लिए कोई पुरस्कार नहीं मिला। वहीं इससे भी दिलचस्प बात ये है कि टीवी पर राम भगवान की तरह पूजे जाने वाले अरूण गोविल फिल्मों में लक्ष्मण की भूमिका कर चुके हैं। फिल्म लव कुश 1997 में रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म में जीतेंद्र ने भगवान राम का किरदार निभाया था और सीता के रोल में थीं जया प्रदा। इस फिल्म में अरूण गोविल ने लक्ष्मण का किरदार निभाया था।


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