अपर्णा सेन की फिल्म से फ्लोरेंस महोत्सव की शुरुआत

सेन ने कई महिला केंद्रित फिल्में बनाई हैं। 'रिवर टू रिवर' इटली में भारतीय सिनेमा का अकेला महोत्सव है। सेन इस महोत्सव में शामिल होने के लिए यहां पहुंची हैं।
उन्होंने एक ई-मेल साक्षात्कार में कहा, "मुझे लिंग के आधार पर दुनिया को विभाजित करना पसंद नहीं है। हमारी इस जिंदगी में पुरुष और महिलाओं दोनों की ही जगह है और वे दोनों ही इसे पूरा करते हैं।"
सेन की फिल्म 'द जैपनीज वाइफ' से नौ दिसम्बर को महोत्सव का समापन होगा। यह इस महोत्सव के आयोजन का 10वां वर्ष है और इसमें यहां पुरस्कृत हुई सभी फिल्मों के साथ सेन की 'मि. एंड मिसेज अय्यर' फिल्म भी दिखाई जाएगी।
वह कहती हैं कि जब से 'रिवर टू रिवर' में उनकी फिल्म 'मि. एंड मिसेज अय्यर' को दर्शकों की पसंद का पुरस्कार मिला है तब से उनका इस महोत्सव से खास जुड़ाव हो गया है।
'36 चौरंगी लेन' और 'परोमा' जैसी फिल्मों में महिलाओं की भावनाओं को उभार चुकीं सेन महसूस करती हैं कि वह अपनी जिंदगी में जिन पुरुषों से मिलीं, उनमें से ज्यादातर भावनात्मक स्तर पर महिलाओं से कम परिपक्व थे।
सेन कहती हैं, "मैं खुद एक महिला हूं इसलिए जाहिर है कि मैं महिलाओं को ज्यादा बेहतर ढंग से समझूंगी लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मेरी सभी फिल्में महिला केंद्रित होंगी। मेरी अगली फिल्म का विषय अब तक निर्धारित नहीं है। यह महिला केंद्रित नहीं होगी बल्कि निश्चित रूप से इंसान की कहानी होगी।"
'इति मृणालिनी' एक अभिनेत्री मृणालिनी की कहानी है। यह फिल्म सेन की जिंदगी पर आधारित नहीं है। वैसे उन्होंने किरदार की बुजुर्गावस्था की भूमिका खुद निभाई है जबकि युवावस्था की भूमिका उनकी बेटी कोंकणा सेन ने निभाई है।


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