यश जी को खुश करना चाहती थीं अनुष्का

अनुष्का ने कहा "जब हम शूटिंग कर रहे थे तो मेरी हमेशा यश चोपड़ा के साथ लंबी बातें होती थीं लेकिन हमेशा कोई ना कोई जैसे शाहरुख, आदित्य या कोई और हमारे आस पास रहता था। आखिरी बार मैं यश चोपड़ा से रानी मुखर्जी के घर पर गणपति की पूजा के दौरान मिली थी। उन्होंने मुझे बुलाया और मुझसे करीब एक घंटे तक बात की।"
"उन्होंने मुझे बताया कि वो मेरे बारे में क्या सोचते हैं। उन्होंने फिल्म में मेरे द्वारा किये कुछ सीन्स के बारे में बताया जिनमें मैंने बहुत अच्छा परफॉर्म किया था। साथ ही उन्होंने मुझे बताया कि कहां पर मैं बहुत अच्छी दिखी। अपने निर्देशक से जिन जिन बातों के बारे में सुनना चाहती थी वो बातें उन्होंने मुझे उस दिन बताईं।" अनुष्का को बॉलीवुड में पहला रोल मिला 2008 में यश राज बैनर की फिल्म रब ने बना दी जोड़ी में। उसके बाद उन्होंने यश राज बैनर की कई फिल्में जैसे बदमाश कंपनी, बैंड बाजा बारात, लेडीज वर्सेस रिकी बहल जैसी कई फिल्में की और आखिर में यश चोपड़ा की आखिरी निर्देशित फिल्म जब तक है जान में काम करने का भी उन्हें मौका मिला।
अनुष्का ने कहा "मैं कभी उनके मुंह से अपने बारे में वो बातें नहीं सुन पाती। मुझे हमेशा कुछ अधूरापन और खाली सा महसूस होता अगर यश जी ने मुझे नहीं बताया होता कि मैं फिल्म में कैसी लगी थी।" चूंकी अनुष्का पहली बार यश चोपड़ा के साथ काम कर रही थीं तो वो अपना बेस्ट देना चाहती थीं। "मैं हमेशा यही सोचती थी कि क्या वो मेरे काम से खुश हैं? वो किसी भी एक्ट्रेस को ले सकते थे लेकिन उन्होंने मुझे चुना। और मैं चाहती थी कि वो मुझे लेने के अपने फैसले से खुश हों।"
"फिल्म को शुरु करने से पहले मैं उन्हें जानती थी क्योंकि मैं उनके बैनर के द्वारा ही बॉलीवुड में आई थी। मैंने उनसे बहुत ही कम बात की थी। जब आप किसी के साथ काम करते हैं तभी आप उसे समझ पाते हैं। जब मैंने उनके साथ काम करना शुरु किया तो मुझे महसूस हुआ कि वो कितने कूल हैं। वो अपने कलाकारों और पूरी टीम का पूरा ध्यान रखते थे।"


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