स्टारडम की दुनिया से परे रहूँगी: अनुष्का शर्मा

वे इस बात के लिए शाहरूख और आदित्य चोपडा के गुणगान करती नहीं थकतीं लेकिन यह भी मानती हैं कि इसमे उनके माता पिता के सहयोग और अपना कैरियर ख़ुद चुनने के लिए मिलने वाली आज़ादी का हाथ भी है.
बातचीत में वे एकदम सहज और साफ़ दिल की दिखाई और सुनाई पड़ती हैं और मानती है कि अचानक मिलने वाली इतनी बड़ी सफलता और नाम के बावजूद वे कभी भी स्टारडम की उस दुनिया का हिस्सा नही बनेंगी जिसमें एक कलाकार न चाहते हुए भी एक अनचाही नाटकीयता का शिकार होकर रह जाता है.
पर इसके बगैर हमारी इंडस्ट्री नही चलती?
मैं सिर्फ़ एक फ़िल्म पुरानी हूँ. मैं अभी लोगों को नही समझती. भला दो हफ्तों में इंडस्ट्री और लोगों के बारे में क्या जान सकती हूँ.
लेकिन आप यह तो जानती हैं कि हमारे नायक प्रधान सिनेमा में हीरोइन के लिए जगह नहीं मिलती. 'रब ने बना दी जोड़ी' को भी इसके नायक किंग खान और निर्देशक आदित्य चोपडा की फ़िल्म माना गया है?
पता नहीं. मैंने तो एक ऐसी प्रेम कहानी वाली फ़िल्म में काम किया जिसमें नायक के लिए नायिका ही असली आधार है. यदि कहानी में तानी नही होती तो सुरेंदर साहनी की असली प्रतिभा और प्रेम को पहचानना मुश्किल था. रही बात फ़िल्म के किंग खान और आदित्य की होने की तो यह सच है. लेकिन यह भी सच है कि लोगों को नायिका भी पसंद आ गई. (हँसती हैं)
लोगों को तो नायिका पसंद आ गई लेकिन इंडस्ट्री में स्थापित स्टार नायकों के हर फ़िल्म में एक नई हीरोइन लेकर काम करने का जो चलन चल रहा है उसमे आपके सामने आसीन, सोनम, दीपिका पादुकोण और उनसे पहले ही काम कर रही प्रियंका और कैटरिना के साथ बिपाशा जैसी अभिनेत्रियां भी हैं?
लोग कहते हैं कि नई अभिनेत्री एक फ़िल्म से ज्यादा नही चल रही. लेकिन मेरे पास तो यशराज की ही तीन फ़िल्मों का क़रार है. जहाँ तक बाकी अभिनेत्रियों की बात है तो दीपिका पादुकोण और सोनम के बारे में कोई ऐसा नही कह सकता.
मैं अपना काम करने यहाँ आई हूँ और मेरी पहली ही फ़िल्म आई है. मुझे जमने तो दीजिए. मैं ख़ुद को साबित कर दूँगी कि मैं एक फ़िल्म की हीरोइन नही हूँ. कोई भी अभिनेत्री केवल एक फ़िल्म के लिए यहाँ नही आती.
आप जब यह फ़िल्म करने आई थी तो जानती थी कि यह इतनी बड़ी हिट होगी. यह भी कहा गया कि यह अंग्रेजी की प्लेन जेन और माय फेयर लेडी की कहानी से प्रेरित है?
मैंने बहुत अधिक सिनेमा नही देखा है और मैं हॉलीवुड या विश्व सिनेमा के बड़े बड़े नाम लेकर अपनी बात नहीं कहना चाहती लेकिन मैं इतना कह सकती हूँ कि यह पूरी तरह आदित्य चोपड़ा की लिखी और गढ़ी गई कहानी है.
लोग कहते हैं कि नई अभिनेत्री एक फ़िल्म से ज्यादा नही चल रही. लेकिन मेरे पास तो यशराज की ही तीन फ़िल्मों का क़रार है. जहाँ तक बाकी अभिनेत्रियों की बात है तो दीपिका पादुकोण और सोनम के बारे में कोई ऐसा नही कह सकता
| लोग कहते हैं कि नई अभिनेत्री एक फ़िल्म से ज्यादा नही चल रही. लेकिन मेरे पास तो यशराज की ही तीन फ़िल्मों का क़रार है. जहाँ तक बाकी अभिनेत्रियों की बात है तो दीपिका पादुकोण और सोनम के बारे में कोई ऐसा नही कह सकता |
जिस समय हम फ़िल्म कर रहे थे हम जानते थे कि हम एक आम आदमी के दिल को छूने वाली कहानी पर फ़िल्म बना रहे हैं और मैं उस कहानी का हिस्सा हूँ.
फ़िल्म में कुछ नया नहीं है. यदि किंग खान और संगीत को हटा दिया जाए तो आपको भी फ़िल्म समीक्षकों ने बहुत मटीरियल वाली अभिनेत्री नहीं माना?
मैंने इस फ़िल्म के लिए दो बार ऑडिशन दिया था और यशराज की अब तक की ऐसी हीरोइनों के बारे में यही जानती थी वो भारीभरकम बजट वाली और विदेशी लोकेशनों पर फिल्माई गई फ़िल्मों में काम करती हैं. लेकिन पहली बार वो एक सीदीसादी और जज़्बाती लड़की को सामने ला रहे थे. इसलिए हो सकता है लोगों को मुझमें वो अपील और ग्लैमर नजर नहीं आया हो. पर हो सकता है अगली बार उन्हें ऐसा नही लगे.
आप मॉडलिंग कर रही थी, आपने कभी फिल्मों में काम करने के बारे में और इस तरह सफल होने के बारे में सोचा था?
नही. मैं बचपन से मॉडलिंग के सपने देखती थी और मैंने अपना पहला काम पंद्रह साल में किया था. उसके बाद फ़ैशन शो करते हुए भी मैंने अभिनय के बारे में नही सोचा था.
मैं वेंडेल रोड्रिक्स की फ़ायनल मॉडल चुनी गई थी पर मेरी पृष्ठभूमि सेना से जुड़ी थी और जगह जगह घूमते हुए अभिनय या इंडस्ट्री के बारे में सोचना संभव नहीं था. लेकिन रब ने बना दी जोड़ी के ऑडिशन और चुने जाने के बाद जीवन और करियर बिल्कुल बदल गया.
मुझे खुशी है कि मेरी शुरुआत इस तरह हुई .
बाकी सब तो ठीक लेकिन शाहरूख के बारे में आप क्या सोचती हैं. पहली ही बार में इंडस्ट्री के सुपर स्टार के साथ काम करने का अनुभव कैसा था. डर नही लगा?
जब फ़िल्म शुरू हुई थी तो मैं बुरी तरह घबराई हुई थी लेकिन जब फ़िल्म ख़त्म हुई तो पता ही नहीं चला कि मैंने उनके साथ फ़िल्म कर ली है. वे अनोखे और बेहतरीन इंसान और एक्टर हैं.
आमतौर पर नई हीरोइन का नाम उसके नायक या निर्देशक के साथ जुड़ जाता है और आप जिस बेबाकी और खुले दिल की सादगी से बातें करती हैं उससे आपको नहीं लगता कि कभी भी आपको लेकर अफवाहे उड़ सकती हैं, आपको गॉसिप से डर नहीं लगता?
मुझे नही पता गॉसिप्स क्या होती हैं. मैं तो अपने मन की बात अपने तरीके से कहना जानती हूँ जैसे तानी कहती थी.
तो क्या तानी की तरह ही सुरेंदर उर्फ सूरी से असल जिन्दगी में नाता जोड़ने का सपना भी देखती हैं?
क्यों नही. सूरी जैसे इंसान दुनिया में कम होते हैं. मैं कितनी भी बड़ी स्टार बन जाऊँ लेकिन जब भी मेरी जीवन में जीवन साथी चुनने की बारी आएगी, मैं ऐसे ही इंसान को चुनूंगी. मैं स्टारडम वाली अभिनेत्री बनने यहाँ नही आई.
अंतिम सवाल, आपका यहाँ कौन आदर्श है?
मैंने बहुत अधिक फिल्में नही देखी लेकिन मुझे पता है कि मुझे नर्गिस और काजोल जैसा मुकाम पाना है.(हंसती हैं)


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