करन को बॉम्बे टॉकीज के लायक नहीं मानते थे अनुराग!
बॉम्बे टॉकीज फिल्म हिन्दी सिनेमा के अब तक सफर की पहली फिल्म है जिसमें पहली बार बॉलीवुड के चार बड़े निर्देशक एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। बॉम्बे टॉकीज फिल्म चार शॉर्ट स्टोरीज पर बेस्ड है और चारों शॉर्ट स्टोरीज आई हैं फिल्म के चारों निर्देशेंकों जोया अख्तर, करन जौहर, अनुराग कश्यप और दिबाकर बैनर्जी के दिल से। फिल्म के निर्माताओं को लगा था कि ये चारों निर्देशक इस फिल्म के लिए परफेक्ट हैं लेकिन इन चारों निर्देशकों में से कुछ को लगता था कि दूसरा निर्देशक इस फिल्म के लिए ठीक नहीं है और उसे इस फिल्म में नहीं लेना चाहिए था। ऐसा खुद निर्देशक अनुराग बासु ने कहा है वो भी करन जौहर के लिए।
अनुराग बासु ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि उन्हें लगता था कि करन जौहर इस फिल्म के लिए ठीक नहीं हैं हालांकि बाद में करन का काम देखने के बाद अनुराग की सोच बिल्कुल बदल गयी। अनुराग बासु ने कहा शुरु में मुझे लगता था कि करन जौहर इसके लिए सही नहीं होंगे लेकिन मैंने जितना उन्हें देखा उतना ही मैं उनका कायल बनता गया। हम दोनो में एक ही अंतर है कि उनके पास रिसोर्स हैं और मेरे पास नहीं हैं। मैंने दिबाकर बैनर्जी, जोया अख्तर और करन जौहर की फिल्में देखीं हैं और उन्होंने बेहतरीन काम किया है।
देखा जाये तो जब बॉम्बे टॉकीज फिल्म के बारे में लोगों को पता चला की फिल्म में चार निर्दे्शक है जिनमें करन जौहर, जोया अख्तर, अऩुराग बासु और दिबाकर बैनर्जी है तो सभी को यही लगा कि इन चारों में एक करन जौहर हैं जो कि टिपिकल रोमांटिक और कमर्शियल फिल्में बनाते हैं। बाकी के तीनों निर्देशक जोया, अनुराग और दिबाकर ये अपनी-अपनी फिल्मों में जिंदगी के सच्चे पहलू डालने का प्रयास करते हैं। सभी को लगा कि ये थोड़ा अजीब कॉम्बीनेशन है। लेकिन फिल्म के बनने के बाद यकीन हो गया कि ऐसा नहीं है।


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