अनुराग कश्यप की बेटी आलिया कश्यप ने बताया एंग्जाइटी-डिप्रेशन का दर्दनाक अनुभव, 'ऐसा लग रहा था मैं मर रही हूं'
बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक अनुराग कश्यप की बेटी आलिया कश्यप ने अपने यूट्यूब चैनल पर एंग्जाइटी और डिप्रेशन से जूझने का दर्दनाक अनुभव शेयर किया। उन्होंने कहा कि वह इस वीडियो से आने वाली कमाई को मेंटल हेल्थ संस्थाओं को डोनेट करने वाली हैं। आलिया ने अपने पैनिक अटैक और तनाव को लेकर विस्तार से वीडियो में बताया।
आलिया ने बताया कि वह डिप्रेशन के चलते अस्पताल में भर्ती हुई थीं। उन्होंने बताया कि वह गंभीर मानसिक बीमारी से गुजर रही हैं। इस बीमारी के चलते उनके दिमाग में अजीबोगरीब ख्याल आते हैं। वह पिछले काफी समय से इन सब चीजों को फील कर रही हैं।

आलिया कहती हैं, मैं वापस अपने यूट्यूब चैनल पर वापस आ गई हूं। पिछले 2 हफ्ते से मैं सोशल मीडिया पर भी एक्टिव नहीं थी। कुछ दिन पहले मैं एडमिट हुई थी। दो हफ्तों पहले मैं एक पोस्ट भी लिखा था। मेंटल हेल्थ से जुड़ा। मैं मानसिक तनाव पर इसीलिए बात कर रही हूं ताकि दूसरे लोगों से इससे मदद मिले।
मैं जानती हूं कि बहुत से लोग हैं जो ऐसे मुश्किल समय से गुजर रहे हो। डिप्रेशन से मैं करीब 13 और 14 साल से गुजर रही हूं। कभी मैं ठीक हो जाती हूं और कभी दोबारा ये मेरी जिंदगी को बर्बाद करने लगता है।

कोरोना के दौरान भी हुई हालत खराब
नवंबर में जब मुझे कोरोना हुआ। इस दौरान मैं दो हफ्ते घर पर क्वारंटाइन में रही। इस दौरान मेरी मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा था। मैं इससे बाहर नहीं आ पा रही। मैं कई बार थैरेपिस्ट की भी मदद लेती हूं। इसके बाद मैं थोड़ा ठीक हुई थी।

एक दम टूट गई थी मैं- आलिया कश्यप
दिसंबर में एक बार फिर मैं एकदम टूट गई। पैनिक अटैक के चलते मैं अस्पताल में भर्ती हुई। मेरे पैरेंट्स भी हॉस्पिटल में आए सबको मेरी चिंता हो रही थी। जनवरी में इसी वजह से यूएस में मेरे माता पिता रहे। इसके बाद मैं काफी बेहतर महसूस करने लगी। मेरा जनवरी और फरवरी और करीब मार्च अच्छे से गुजरा।

बेड से उठ नहीं पा रही थी- अनुराग कश्यप की बेटी
लेकिन मार्च के अंत तक आते आते मेरी हालत फिर खराब होने लगी। मैं बेड से नहीं उठ पाती थीं, नहाती नहीं थी। बहुत कम ही खाना पीना हो पाता था।

ऐसा लग रहा था मैं रही हूं- आलिया कश्यप
अप्रैल में मैं थोड़ा ठीक महसूस कर रही थी। लेकिन अचानक से एक दिन मुझे बहुत घबराहट होने लगी, पसीने आने लगे, मेरा शरीर कांपने लगा। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं मर रही हूं। ये एक पैनिक अटैक था लेकिन ऐसा लग रहा था जैसे कि हार्ट अटैक था।

अस्पताल में भऱ्ती भी हुई
इसके बाद मेरे एक फ्रैंड ने मुझे अस्पताल में भर्ती करवाया। डॉक्टरों ने बताया कि मुझे पैनिक अटैक आया।इसके बाद मैं ठीक हुई और फिर मैं घर आई। इस घटना ने मुझे हिलाकर रख दिया था।

मैं रोती थी
आखिरी 10 दिन मुझे बहुत एग्जांइटी हुई। मेरी हार्ट बीट तेज थीं। मैं बहुत लो फील कर रही थी। मैं रोती थी। मैं कभी इतना नहीं रोई, जितना पिछले कुछ हफ्तों में रोई हूं। मैं बहुत कंफ्यूज हो गईं और नर्वस हुईं। इसके बाद मैं फिर से साइकेट्रिस्ट की मदद ली। डॉक्टर ने मुझे पैनिक अटैक डिसऑर्डर के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि मैं मेडिटेशन करूं।

मेडिटेशन से मिली मदद
मैं अब मेडिटेशन करती हूं, ये मदद कर रहा है। मैं अभी ये वीडियो बना रही हूं और बेहतर फील कर रही हूं। ऐसा करने से मुझे प्रेरणा मिल रही हैं और बेहतर फील कर रही हूं।
(यदि आपको या आपके जानकारी में किसी व्यक्ति को मदद की जरूरत हो, तो अपने नजदीकी मानसिक स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। हेल्पलाइन- COOJ मेंटल हेल्थ फाउंडेशन: 0832-2252525, स्नेहा - 044-24640050/ 044-24640060, परिवर्तन: +91 7676 602 602 )


Click it and Unblock the Notifications











