अनुपम खेर की मां दुलारी ने वीडियो में बांटा कश्मीरी पंडित होने की दुख: भाई ने रातों रात छोड़ा घर और हो गई मौत
अनुपम खेर स्टारर द कश्मीर फाइल्स बॉक्स ऑफिस पर जितनी भी तबाही मचा रही है लेकिन फिल्म लोगों के दिल में सालों छिपा दर्द बाहर ले आई है। यही कारण है कि फिल्म देखने के बाद भावुक कश्मीरी पंडित, पहली बार दिल खोलकर अपने दुखों पर बात कर रहे हैं।
अनुपम खेर की मां दुलारी ने भी एक वीडियो में कश्मीरी पंडित होने का अपना कड़वा अनुभव साझा किया है। दुलारी जी श्रीनगर में पली बढ़ी हैं।

इस वीडियो को शेयर करते हुए अनुपम खेर ने लिखा - मैं इस बातचीत को बेहद हल्की फुल्की रखना चाहता था लेकिन मेरी मां का दुख, दर्द और गुस्सा इतना ज़्यादा है कि वो संभाल नहीं पाई। वो निडर हैं, बेबाक हैं, बिना किसी भ्रम के हैं और नाराज़ हैं। वीडियो में दुलारी जी गुस्से में कई मुद्दों पर बात करती दिखाई देती हैं।

क्यों सफल हुई द कश्मीर फाइल्स
जब अनुपम खेर ने अपनी मां से पूछा कि द कश्मीर फाइल्स लोग इतना क्यों देख रहे हैं तो उन्होंने बिना समय गंवाए बताया कि सच्ची फिल्म सब देखते हैं। उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री को दुआएं देते हुए कहा कि जिसने बनाई उसको करोड़ों मिले। साथ ही उन्होंने बताया कि लोग फिल्म इसलिए ही देख रहे हैं कि क्योंकि कोई भूला नहीं है उनके साथ जो भी कुछ हुआ।

भाई की कैसे हुई मौत
अपने भाई की मौत को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उसने उसी साल वहां मकान बनवाया था और काफी खुश था। मुझे कहता था कि अब तुम भी यहीं आकर रहो और पास में मकान बनवा लो। लेकिन एक शाम उसके दरवाज़े पर चिट्ठी पड़ी मिली जिस पर लिखा था आज तुम्हारी बारी है। वो रातों रात अपने मकान के कागज़ लिए बिना वहां से निकल गया। दुलारी जी ने आगे बताया कि उनके भाई के पास तो दिल्ली मुंबई जैसे शहरों में कोई ज़मीन या घर भी नहीं था कि वो जाकर रहता। उन्हें टेंट में रहना पड़ा। बाद में यही दुख झेलते झेलते उनकी सदमे में मौत हो गई।

फारूख अब्दुल्ला को भी ललकारा
जब अनुपम खेर ने दुलारी जी को बताया कि कश्मीर के फारूख अब्दुल्ला का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था वहां तो दुलारी जी का गुस्सा साफ नज़र आता है। वो बोलती हैं - कैसे नहीं हुआ? बिल्कुल हुआ है और जिन्होंने हमारे साथ ये किया है, उनका भी इंसाफ होगा अगर कोई इंसाफ करने वाला है।

कश्मीर में रहने की इच्छा
दुलारी जी ने वीडियो के एक हिस्से में अभी भी कश्मीर में रहने की इच्छा जताते हुए बताया कि हां हमें वहां एक कमरा मिल जाए हम रहेंगे। हमें मिलना चाहिए वहां मकान।

अनुपम खेर की उतारी नज़र
अनुपम खेर ने इस बातचीत को हल्का करने के लिए पूछा कि उनकी मां को अनुपम खेर का किरदार कैसा लगा। तो उनकी मां मज़ाक में कहती हैं, फिल्म अच्छी थी, तू नहीं अच्छा लगा मुझे। लेकिन बाद में वो किसी को अनुपम खेर की नज़र उतारने को कहती हैं। अनुपम खेर बताते हैं कि उनकी मां तारीफ नहीं कर रही क्योंकि वो मानती हैं कि इससे नज़र लगती है।

शांत होने को नहीं थी तैयार
पांच मिनट के इस वीडियो के दौरान, कई बार दुलारी जी का गुस्सा साफ दिखा और वो अपनी मातृभाषा में बोलती नज़र आईं। इन हिस्सों में उनकी बोली भले ही ना समझ आती हो लेकिन उनका दुख और उनके जज़्बात, साफ नज़र आते हैं।
दुलारी जी वीडियो में ये भी कहती नज़र आती हैं, उन्होंने कहा कि अपनी लड़कियों और बहुओं को छोड़ दो और बाकी लोग निकल जाओ। क्यों छोड़ दे। अनुपम खेर इस वीडियो को #Genocide हैशटैग के साथ शेयर कर चुके हैं।


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