फिल्ममेकर Ram Gopal Varma के खिलाफ जारी हुआ गैर जमानती वारंट, तीन महीने की होगी जेल!

Ram Gopal Varma Three-Month Prison Sentence: अंधेरी की मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत ने फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा की फर्म को विले पार्ले की एक कंपनी की दायर चेक बाउंसिंग मामले में दोषी ठहराया है, जिसने उन्हें हार्ड डिस्क मुहैया कराई थी।
राम गोपाल वर्मा के खिलाफ जारी हुआ गैर जमानती वारंट
अदालत ने फर्म के मालिक वर्मा को तीन महीने की कैद की सजा सुनाई है और उन्हें शिकायतकर्ता को 3.72 लाख रुपये का मुआवजा देने को कहा है। यह फैसला मंगलवार को आया, जिसमें अदालत ने वर्मा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया, क्योंकि उन्होंने सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने का फैसला किया था।
राम गोपाल वर्मा का बयान
इस खबर पर रिएक्शन देते हुए वर्मा ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स पर लिखा, "मेरे और अंधेरी कोर्ट के बारे में आई खबरों के संबंध में, मैं साफ करना चाहता हूं कि यह मेरे पूर्व कर्मचारी से जुड़ा 2.38 लाख रुपये का अमाउंट के 7 साल पुराने मामले से जुड़ा है। मेरे वकील इस पर ध्यान दे रहे हैं, लेकिन यह राशि का निपटान करने के बारे में नहीं है।"
दो लाख की हार्ड डिस्क सप्लाई की
पार्टनरशिप फर्म श्री की 2018 में अपने एक पार्टनर महेश चंद्र मिश्रा के जरिए चेक बाउंसिंग की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसको रिप्रेजेंट उनके वकीलों राजेश कुमार पटेल और आलोक सिंह ने किया था। पटेल और सिंह ने तर्क दिया था कि कंपनी कई सालों से हार्ड डिस्क के सप्लाई के बिजनेस में लगी हुई है। शिकायतकर्ता की फर्म ने फरवरी 2018 से मार्च 2018 तक वर्मा की फर्म को हार्ड डिस्क सप्लाई की थी, जिसके लिए शिकायतकर्ता ने 2,38,220 रुपये का बिल बनाया था।
दो बार चेक हुए बाउंस
हालांकि, 1 जून, 2018 को, जब शिकायतकर्ता ने बकाया चुकाने के लिए वर्मा का दिया गया चेक जमा किया, तो यह बाउंस हो गया, इस कमेंट के साथ कि चेक कम पैसे के कारण बाउंस हो गया।
जब शिकायतकर्ता ने वर्मा से कॉन्टैक्ट किया, तो उन्होंने एक और चेक दिया, जो आउटगोइंग क्लियरिंग चार्ज के कारण बाउंस हो गया। इसलिए, शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उन्होंने मजिस्ट्रेट कोर्ट, अंधेरी में चेक बाउंस के लिए आपराधिक शिकायत दर्ज कराई।


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