मीडिया के द्वंद्व को बयान करती 'रण'
अमिताभ बच्चन ने इस सप्ताह रिलीज़ हो रही अपनी फ़िल्म ‘रण’ को मीडिया के कर्तव्य और व्यवसाय के बीच द्वंद पर बुनी हुई कहानी बताया है.
बच्चन ने कहा, “मीडिया का अपना कर्तव्य है और दूसरी तरफ़ यह एक व्यवसाय भी है. क्या मीडिया कभी अपने कर्तव्य के साथ समझौता करता है ताकि उसका व्यवसाय सही रहे? या वो अपने व्यवसाय के साथ समझौता करता रहता है ताकि उसका कर्तव्य पूरा होता रहे.”
उन्होंने कहा कि उनकी फ़िल्म में इन्हीं दो विषयों के बीच एक रण है. बच्चन ने कहते हैं, “यदि मीडिया में इस तरह की स्थितियां हैं तो पत्रकार इनसे कैसे निबटते हैं और वो कैसे इन दोनों पक्षों को साथ में लेकर काम करते हो, ‘रण’ इसी की कहानी है.”
रामगोपाल वर्मा निर्देशित रण में अमिताभ बच्चन एक ताकतवर मीडिया घराने के मालिक का रोल अदा कर रहे हैं. इस फ़िल्म में उनके अलावा रीतेश देशमुख, मोहनीश बहल, नीतू चंद्रा और रजत कपूर भी हैं.
'अजगर'
अमिताभ बच्चन ने पिछले कुछ दिनों में रण के प्रचार के लिए कुछ टीवी चैनलों के दफ़्तरों का दौरा किया और वहां काम करने के तरीके के बारे में जाना.
बच्चन ने कहा, “मैंने अपनी आंखों से देखा कि कितनी मेहनत करनी पड़ती है. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एक अजगर है इसे हर समय कुछ ना कुछ खाने के लिए चाहिए. बड़ा मुश्किल काम है और मैं तो इसकी सराहना करता हूं. ”
बच्चन ने कहा कि वो इस बात की तारीफ़ करते हैं कि मीडिया कुछ अहम विषयों को लगातार उठाता रहता है.
अमिताभ बच्चन कहते हैं कि संचार माध्यमों में लगातार और तेज़ी से परिवर्तन हो रहे हैं.
उन्होंने कहा, “ हर दस साल में एक नया संचार माध्यम सामने आता रहता है. जब मैंने शुरु किया था तब सिर्फ़ अख़बार थे. लेकिन अब देखिए टीवी, मोबाइल, रेडियो और इंटरनेट जैसे संचार माध्यम हैं.”
अमिताभ बच्चन ने कहा कि देश में मीडिया की बड़ी ज़िम्मेदारी है क्योंकि मीडिया जो पेश करता है जनता उससे प्रभावित होती है.


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