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हरिवंश राय बच्चन की यादों से आज भी घिरे हैं अमिताभ!

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बॉलीवुड के एंग्री यंग मैन यानी अमिताभ बच्चन आज भी अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की यादों से घिरे हुए हैं। अपने पिता और मां की यादों को दिल के कोने में संजोएं अमिताभ जब भी अपने पिता या माता का नाम सुनते हैं उनकी आंखों में एक दुख की लकीर सी नज़र आती है। अमिताभ कोई भी मौका नहीं छोड़ते अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की यादों को बांटने का। हाल ही में जब अमिताभ पेंग्विन प्रकाशन के सांतवें वार्षिक व्याख्यान समारोह में सम्मिलित हुए तो सवालों के दौरान ये पूछे जाने पर कि कोई ऐसा किरदार जो आप आज भी निभाना चाहेंगे अमिताभ ने जवाब दिया कि अगर मौका मिला तो वो अपने पिता हरिवंश राय बच्चन का किरदार निभाना चाहेंगे।

अमिताभ बच्चन अपने पिता हरिवंश राय बच्चन के बेहद करीब थे। उनके पिता की एक एक कविता और उनकी नज्म आज भी अमिताभ को मुंह जबानी याद हैं। खासतौर पर अमिताब अपने पिता की मधुशाला की पंक्तियां तो जरुर ही अपने जीवन के हर एक बड़े मौके पर गुनगुनाते हैं। पेंग्विन के समारोह के दौरान अमिताभ बच्चन ने अपने पिता से जुड़ी एक बहुत ही करीबी याद को बांटा और कहा एक बार मैं अपने जीवन की मुश्किलों से बहुत ही तंग आ गया था। तो मैंने अपने पिता के पास जाकर उनसे पूछा कि आपने मुझे क्यों पैदा किया है। इसपर हरिवंश राय बच्चन जी ने कहा कि उन्होंने खुद या उनके बाप दादाओं ने तो कभी भी अपने पिता से ये सवाल नहीं पूछा था।

उसके बाद हरिवंश राय बच्चन जी ने अमिताभ की तकिया के नीचे एक बहुत ही प्रेरणापूर्ण और भावनाओं से भरी कविता लिखकर रखी दी थी। उस कविता का नाम था नयी लीक। इस कविता की कुछ पंक्तियां भी अमिताभ जी ने सुनाईं जिंदगी और कशमकश से घबराकर बेटा पूछता है, पैदा क्यूं किया..। इस कविता का पाठ करते हुए अमिताभ बहुत ही भावुक हो गये। इसके अलावा हमेशा की तरह अमिताभ ने अपने पिता की कविता मधुशाला की भी कुछ पंक्तियां सुनाईं।

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    English summary
    Amitabh Bachchan says if he gets opportunity he would like to play his father Harivansh Rai Bachchan's character. Amitabh recently attended the Penguin Publication event where he shared his father's memories. Amitabh also recite the poem of his father Madhushala.

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